जब नरेंद्र मोदी के एक आदेश से सेना को आया पसीना
नई दिल्ली(विवेक शुक्ला) यूं तो शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के स्वाधीनता दिवस पर लाल किले की प्राचीर से दिए गए संबोधन से सारा देश गदगद है, पर उन्होंने विगत मंगलवार को सेना आला अफसरों की पेशानी से पसीना निकलवा दिया था।

तैयारियों पर मांगा प्रजेंनटेशन
उस दिन प्रधानमंत्री कार्यालय(पीएमओ) की तरफ से स्वाधीनता दिवस की तैयारी में रक्षा मंत्रालय से कहा गया कि वे स्वाधीनता दिवस पर लाल किले पर चल रही तैयारियों का प्रेजेंटेशन चाहते हैं।
रक्षा मंत्रालय के सूत्रों ने बताया कि पीएमओ से मिले इसे आदेश के चलते उन अधिकारियों के पसीने छूटने लगे जो समारोह की तैयारियों में जुटे थे। इस बात की जानकारी रक्षा मंत्री अरुण जेटली को भी नहीं थी।
आदेश मिलते ही सेना के शीर्ष स्तर के अफसर मोदी को प्रेजेंटेशन देने के लिए तैयारी करने लगे। इस काम को मेजर जनरल रैंक का अफसर देख रहा था। उसकी अगुवाई में मोदी को लाल किले में सेना की तरफ से हो रही तैयारियों की जानकारी दी गई। प्रेजेंटेशन देने के लिए सिर्फ तीन घंटे का समय दिया गया।
पहले नहीं मांगा प्रेंजेटेशन
सनद रहे कि लाल किले पर होने वाले स्वाधीनता दिवस समारोह की सारी तैयारी सेना की अगुवाई में होती है। उसे दिल्ली पुलिस और दूसरे सरकारी विभागों का भी सहयोग मिलता है। पर मुख्य रूप से काम सेना ही देखती है।
मोदी ने पूछे सवाल जानकारों ने बताया कि मोदी ने प्रेजेंटेशन को अपने पीएमओ स्थित दफ्तर में देखा। उन्होंने कुछ सवाल भी पूछे सेना के अफसरों से। पर वे कुल मिलाकर संतुष्ट थे।
जानकारों का कहना है कि पहले कभी किसी प्रधानमंत्री ने 15 अगस्त समारोह की तैयारियों का सेना से प्रेजेंटेशन नहीं मांगा। एक अधिकारी ने कहा कि इस बार पीएमओ से मिले आदेश के बाद अब सेना अपनी तरफ से स्वाधीनता दिवस की तैयारियों को एक हफ्ते पहले ही पूरा कर लेगी।
यही नहीं, प्रेजेंटेशन भी तैयार कर लिया जाएगा ताकि अगर आखिरी वक्त उसे मांगा गया तो हाथ-पैर ना फूल जाएं।












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