मायावती, अखिलेश को गधे पर बिठाने वाले पोस्टर पर क्या बोले आदित्यनाथ
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनावों के मद्देनजर सभी सियासी दल रणनीति तैयार करने में लगे हैं। लेकिन इस बार सरगर्मियां बढ़ाने के लिए जुमलों के इतर सियासत ने एक नई चीज ईजाद कर दी है। जी हां पोस्टर। जिसमें केशव को कभी अवतारी बता दिया जाता है, तो बसपा सुप्रीमों मायावती को काली और शेष सभी को राक्षस रूप में दर्शा दिया जाता है। कोई आजादी मांगता है तो कोई कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी को सिंघम सरीखे बता देता है।

सिर्फ इतना ही नहीं बल्कि कांग्रेस के पोस्टर में राहुल गांधी, सोनिया गांधी के अलावा रॉबर्ट वाड्रा का भी चेहरा नजर आया। वास्तव में लोगों के लिए ये सभी बातें समझ से एकदम परे हैं। लेकिन लोगों के मन में ये सवाल है कि क्या सियासी दलों के पास कोई मुद्दा नहीं बचा है। जो इस तरह के पोस्टर के जरिए चुनाव लड़ने की तैयारी की जा रही है।
फिर एक बार पोस्टर वार
उत्तर प्रदेश में कांग्रेस और बीजेपी के साथ ही बसपा के बीच शुरू हुई पोस्टरवॉर खत्म होने का नाम नहीं ले रही है। बीजेपी अल्पसंख्यक मोर्चा ने राहुल गांधी के सिंघम अवतार वाले पोस्टर के जवाब में बीजेपी के फायर ब्रांड नेता योगी आदित्यनाथ का पोस्टर लगाया है। इसमें वह शेर की सवारी कर रहे हैं, जबकि मुख्यमंत्री अखिलेश यादव सहित अन्य पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को गधे पर बैठा दिखाया गया है।
अल्पसंख्यक मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने लगाए पोस्टर
बीजेपी अल्पसंख्यक मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में बैंक रोड से शास्त्री चौक तक जुलूस निकाला और जगह-जगह इन पोस्टरों को चस्पा कर दिया।
अखिलेश और मायावती पर की गई टिप्पणी
'संकल्प 2017' की हेडिंग के साथ पो्स्टर में 'अबकी बार योगी सरकार' लिखा हुआ है। पोस्टर के बाईं ओर ऊपर बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष केशव मौर्य की फोटो है, जिसके नीचे बसपा सुप्रीमो मायावती को गधे पर सवार दिखाया गया है। मायावती की फोटो के साथ ताज कॉरिडोर मामले का स्लोगन देकर उन पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए गए हैं। पोस्टर में प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव पर भी आरोप लगाए गए हैं।। उन्हें भी गधे पर बैठा दिखाया गया है। अखिलेश यादव की फोटो के साथ जातिगत टिप्पणी करते हुए 'मुल्ला भ्रष्टाचारी' लिखा गया है।
इन्हें भी बिठा दिया गधे पर
पोस्टर में राहुल गांधी के साथ देश को बांटने वाले और हैदराबाद से सांसद असद्दु्दीन ओवैसी के साथ मुसलमानों को गुमराह करने वाले की टिप्पणी की गई है।
क्या बोले योगी आदित्यनाथ
विवादित पोस्टर के संदर्भ में जब हमने गोरखपुर से सांसद योगी आदित्यनाथ से फोन पर बात की तो योगी ने कहा कि हमें इस पोस्टर के बारे में पता नहीं है। जब आत्मीय ने इस पोस्टर के संदर्भ में आदित्यनाथ को बताना चाहा तो उन्होंने जवाब देते हुए कहा कि जिन लोगों ने ये किया उन लोगों से ये बात पूछिए।
तो ये रही योगी आदित्यनाथ से बातचीत। लेकिन सवाल ये है कि पोस्टर इतना वायरल होने के बावजूद, शहर भर में कई जगहों पर ऐसे पोस्टर लगने के बाद भी योगी आदित्यनाथ को इस बात की जानकारी नहीं है। हां ये तो आप ही जान सकते हैं।
अल्पसंख्यक मोर्चे के इस पोस्टर में योगी को नायक की भूमिका में दर्शाया गया है। दरअसल ये बात भी किसी से छिपी नहीं कि सोशल मीडिया के तमाम माध्यमों के जरिए योगी आदित्यनाथ के समर्थक भाजपा के सीएम कैंडीडेट के तौर पर योगी को चुनने की सिफारिशें कर रहे हैं। हालांकि इस पोस्टर पर भारतीय जनता पार्टी हाई कमान क्या रूख अपनाती लोगों की नजरें इसी बात पर टिकी हुई हैं।












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