महाराष्ट्र में सरकार बनाने के लिए मोहन भागवत ने फडणवीस को क्या मंत्र दिया? जानिए

नई दिल्ली- मंगलवार देर रात महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस अचानक नागपुर पहुंचे थे। वहां पर उन्होंने आरएसएस हेडक्वार्टर जाकर संघ प्रमुख मोहन भागवत से मुलाकात की और सरकार बनाने में शिवसेना की ओर से पेश की जा रही अड़चनों के बारे में उन्हें जानकारी दी थी। अबतक यह साफ नहीं हो पाया था कि उस मुलाकात में भागवत ने नई सरकार गठन को लेकर सीएम फडणवीस से क्या कहा था। लेकिन, अब यह बात सामने आ रही है कि संघ प्रमुख ने मुख्यमंत्री को स्पष्ट रूप से कह दिया है कि वे राज्य में तभी सरकार बनाने का दावा पेश करें, जब शिवसेना भी उसके साथ हो, अन्यथा उन्होंने किसी भी तरह की खरीद-फरोख्त, जोड़-तोड़ की राजनीति से दूर ही रहने की नसीहत दी।

विपक्ष में बैठें, लेकिन अनैतिक राजनीति से दूर रहें

विपक्ष में बैठें, लेकिन अनैतिक राजनीति से दूर रहें

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक आरएसएस चीफ मोहन भागवत ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से कहा है कि अनैतिक राजनीति का हिस्सा बनने से ज्यादा बेहतर है कि वो विपक्ष में बैठने के लिए तैयार रहें। उन्होंने सीएम को साफ तौर पर यह कहकर भेजा है कि गवर्नर के पास सरकार बनाने का दावा तभी पेश करें, जब शिवसेना का भी समर्थन मिल जाए। बता दें कि देवेंद्र फडणवीस और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने मंगलवार रात को नागपुर स्थित आरएसएस हेडक्वार्टर जाकर सर संघचालक मोहन भागवत से मुलाकात की थी। मिरर में छपी एक खबर के मुताबिक भागवत ने फडणवीस से कहा कि अगर शिवसेना को एनसीपी-कांग्रेस का समर्थन मिल जाता है तो उन्हें सरकार बनाने देना चाहिए। इस मुलाकात की जानकारी रखने वाले बीजेपी के एक सूत्र के मुताबिक 'भागवत ने कहा, विपक्ष में रहकर जनता की सेवा के लिए तैयार रहें, लेकिन खरीद-फरोख्त की अनैतिक राजनीति में शामिल न हों, क्योंकि लंबे समय के लिए यह बीजेपी के हित में नहीं है। '

शिवसेना साथ दे तभी आगे बढ़ें

शिवसेना साथ दे तभी आगे बढ़ें

एक वरिष्ठ भाजपा नेता ने नाम नहीं बताने की शर्त पर कहा है कि पार्टी को लगता है कि शिवसेना का समर्थन मिले बिना सरकार बनाने का दावा पेश करने का कोई मतलब नहीं होगा। उनके मुताबिक, '2014 में परिस्थितिया अलग थीं। हम लोग अलग-अलग चुनाव लड़े थे। जबकि, इस बार हम लोगों ने बीजेपी-शिवसेना गठबधन के नाम पर वोट मांगे हैं। आरएसएस की सलाह और हम जो करना चाहते हैं, उसमें कोई विरोधाभास नहीं है।' नागपुर में आरएसएस के एक ऑब्जर्वर दिलिप देवधर ने कहा है कि, 'आरएसएस ने हमेशा जोड़ने की राजनीति में दिलचस्पी दिखाई है, तोड़ने में नहीं। इसलिए इसने बीजेपी को सलाह दी है कि बिना शिवसेना से समर्थन हासिल किए सरकार बनाने का दावा करके उसे नाराज न करें।'

शुक्रवार तक भाजपा कर सकती है इंतजार

शुक्रवार तक भाजपा कर सकती है इंतजार

खबरें हैं कि शुक्रवार तक भाजपा शिवसेना का इंतजार करेगी, नहीं तो मौजूदा परिस्थितियों में वहां राष्ट्रपति शासन का रास्ता साफ हो जाएगा। हालांकि, इससे पहले महाराष्ट्र बीजेपी के नेता और राज्य के वित्त मंत्री सुधीर मुनगंटीवार ने बुधवार को कहा था कि 'मीडिया में सरकार गठन को लेकर कई कहानियां चल रही हैं। फडणवीस का संघ मुख्यालय जाना सिर्फ आरएसएस लीडरशिप को परिस्थतियों की जानकारी देने के लिए था। आरएसएस कभी भी इस तरह की चीजों में नहीं पड़ता। उन्हें सिर्फ वैचारिक मुद्दों की चिंता रहती है, जिसमें आर्टिकल 370, राम जन्मभूमि, कॉमन सिविल कोड जैसी बातें शामिल हैं।'

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