जानिए क्या है मध्य प्रदेश का व्यापमं घोटाला

भोपाल। 'व्यापमं घोटाला' इन इन दिनों राजनीतिक गलियारे में ही नहीं बल्कि नुक्कड़-नुक्कड़ पर चर्चा का विषय बनता जा रहा है। ऐसे में कई लोग मध्य प्रदेश की सरकार की नाक के नीचे हुए व्यापमं घोटाले को लेकर कई भ्रम पल रहे हैं। आखिर यह व्यापमं घोटाला है क्या इस पर आपके लिए रिपोर्ट लेकर आया वनइंडिया।

क्या है व्यापमं

व्यापमं मतलब व्यावसायिक परीक्षा मंडल घोटाला। इसको शोर्ट फॉर्म में 'एमपीवीपीम' या एमपीपीईबीएस भी कहा जा रहा है। दरअसल एमपीवीपीएम यानी मध्य प्रदेश व्यावसायिक परीक्षा मंडल और एमपीपीईबीएस यानी मध्य प्रदेश प्रोफेशनल एक्जामिनेशन बोर्ड स्केम।

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क्या है व्यापमं का काम

दरअसल मध्य प्रदेश व्यावसायिक परीक्षा मंडल का कार्य मेडिकल टेस्ट जैसे पीएमटी प्रवेश परीक्षा, इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा व शैक्षिक स्तर पर बेरोजगार युवकों के लिए भर्ती आदि के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं का आयोजन कराना है।

क्या हुआ ऐसा कि घोटाला बन गया

मध्य प्रदेश व्यावसायिक परीक्षा मंडल की ओर से गत दिनों मेडिकल कॉलेज व शिक्षक ग्रुप-२ के भर्ती के लिए परीक्षा आयोजित कराई थी। जिसमें राष्ट्रीय स्वंय सेवक संघ, भाजपा व सत्ता में पकड़ रखने वाले या कहें रिश्तेदारों ने परीक्षा उत्तीर्ण करने के लिए सिफारिशें लगाईं और लगवाईं। इसके अलावा कई पूर्व छात्र ऐसे भी पाए गए जिन्होंने मुन्नाभाई फिल्म की तरह अंदरूनी रूप से भ्रष्टाचार कर बिना परीक्षा दिए उत्तीर्ण हो गए।

कौन कर रहा है जांच

सूत्रों के मुताबिक इसमें करोड़ों रुपए का घोटाला हुआ है। जिसकी जांच स्पेशल टास्क फोर्स यानी एसटीएफ कर रही है।

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अभी तक किन-किन का घोटाले में नाम

अभी तक जो तथ्य निकलकर सामने आए हैं उनमें आरएसएस के सुरेश सोनी व केएस सुदर्शन का नाम सबसे विवादास्पद बनकर उभरा है। इससे पहले आरएसएस से काफी समय से जुड़े रहे कामयाब व्यावसायिक सुधीर शर्मा का नाम का खुलासा हुआ था। गौरतलब है कि विवादों की हवा तब और तेज हो गई जब मध्य प्रदेश के राज्यपाल राम नरेश का नाम भी इस घोटाले में शामिल रहने वालों की लिस्ट में जुड़ गया है।

शिवराज सिंह का क्या था दावा

आपको याद होगा कि जांच टीम की ओर से नामों की लिस्ट उजागर करने से पहले मध्य प्रदेश भाजपा और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने दावा किया था कि व्यापमं घोटाले में भाजपा या आरएसएस किसी भी रूप में शामिल नहीं रही है। यदि किसी की भूमिका पाई गई तो उसको बक्शा नहीं जाएगा।

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क्या पड़ेगा असर

इस व्यापमं ने तो मध्य प्रदेश में भाजपा सरकार और शिवराज सिंह चौहान का लगभग बंटाधार कर दिया है। आपको बता दें कि भाजपा हमेशा नरेंद्र मोदी के बाद शिवराज सिंह को दूसरे नंबर का विकास पुरुष बताती आई है। कई बार लाल कृष्ण अडवाणीं ने मीडिया में भी शिवराज के काम की कई बार तारीफ की।

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