जानिए नेशनल हेराल्ड पर क्या है विवाद और क्यों फंसे हैं सोनिया-राहुल
नई दिल्ली। आज कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी पहली बार किसी कोर्ट केस में पेश होने जा रही हैं। देश के पीएम की कुर्सी को ठुकराकर पूरे देश में त्यागमूर्ति के रूप में देखे जानी वाली सोनिया आज अपने बेटे राहुल गांधी के साथ नेशनल हेराल्ड केस में आरोपी के तौर पर पेश होंगी। इस केस को फाइल किया है बीजेपी नेता सुब्रह्मण्यम स्वामी ने।
19 दिसंबर पहले भी मुश्किल लेकर आया है गांधी परिवार के लिए
आईये स्लाइडों के जरिये विस्तार से जानते हैं कि आखिर नेशनल हेराल्ड केस और क्यों बना है यह सोनिया-राहुल के गले की फांस..

क्या है नेशनल हेराल्ड?
नेशनल हेराल्ड एक अखबार था जिसकी शुरूआत साल 1938 में हुई थी।

जवाहर लाल नेहरू इसके पहले संपादक
देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू इसके पहले संपादक थे। साल 1942 में अंग्रेजों ने इंडियन प्रेस पर हमला कर दिया था जिस वजह से इस अखबार को बंद करना पड़ा।

आजादी के बाद फिर से प्रकाशित
आजादी के बाद एक बार फिर से अखबार का प्रकाशन हुआ लेकिन तब नेहरू पीएम बन गये थे और उनकी जगह इसके संपादक बने राम राव।

1977 में फिर बंद हुआ
साल 1977 में यह पेपर फिर से बंद हुआ क्योंकि उस समय पूर्व पीएम इंदिरा गांधी चुनाव हार गई थीं।

क्यों दिया कर्ज?
पेपर तो बंद हो गया लेकिन कांग्रेस लगातार कांग्रेस ने एजेएल को चलाते रहने के लिए बिना ब्याज और सिक्युरिटी के कई साल तक उसे कर्ज दिया। मार्च 2010 तक यह बढ़कर 89.67 करोड़ रुपए हो गया लेकिन कांग्रेस चुप रही।

यंग इंडिया कंपनी का जन्म
साल 2010 में यंग इंडिया कंपनी का जन्म हुआ जिसके डायरेक्टर राहुल गांधी थे और सुमन दुबे और सैम पित्रोदा जैसे लोग इसे बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स में शामिल थे।

सोनिया भी शामिल
22 जनवरी 2011 को सोनिया भी यंग इंडिया के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स में शामिल हुईं। इस कंपनी के 38-38 फीसदी शेयरों पर राहुल और सोनिया की हिस्सेदारी है।

कर्ज कैसे दिया?
2010 में कांग्रेस ने एजेएल के हिस्से के 90 करोड़ रुपए के कर्ज को यंग इंडियन पर डालने का फैसला किया। वो कंपनी जिसके मालिक सोनिया और राहुल है। पीपुल एक्ट के मुताबिक, कोई राजनीतिक पार्टी किसी को लोन नहीं दे सकती तो कांग्रेस ने एजेएल को लोन कैसे दिया?

सुब्रमण्यम स्वामी का आरोप
भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने सोनिया और राहुल के खिलाफ कर चोरी और धोखाधड़ी का आरोप लगाया और केस दर्ज किया और कहा कि नेशनल हेराल्ड की रियल इस्टेट में तब्दील हो गई है जिसका पैसा सोनिया-राहुल समेत उनके वाफादार खा रहे हैं।

इसलिए आज कोर्ट में पेशी
इसलिए आज दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने कांग्रेस नेता सोनिया गांधी, राहुल गांधी, मोतीलाल बोरा और ऑस्कर फर्नांडीस के साथ ही यंग इंडियन के दो अन्य डायरेक्टरों-पूर्व पत्रकार सुमन दुबे और टेक्नोक्रेट सैम पित्रोदा की पेशी है।

स्वामी के आरोप..
-यंग इंडियन के शुरू होने के एक महीने बाद ही एजेएल उसकी सहायक कंपनी कैसे बन गई?
-एजेएल ने कर्ज चुकाने के लिए अपनी संपत्ति के कुछ अहम हिस्सों का इस्तेमाल क्यों नहीं किया?
-क्या एजेएल ने यंग इंडिया की सहायक कंपनी बनने से पहले अपने शेयर होल्डर्स से पूछा था?
-स्वामी का आरोप है कि केंद्र ने अखबार चलाने के लिए जमीन दी थी, न कि कोई बिजनेस करने के लिए।












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