हिंदुत्व पर कांग्रेस और RSS के नजरिए में कितना फर्क है ? समझिए

नई दिल्ली, 14 नवंबर: कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने हिंदू धर्म और हिंदुत्व में अंतर बताकर अपनी पार्टी के नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री सलमान खुर्शीद के बिगड़े बोल पर एक तरह से पार्टी की मुहर लगाने की कोशिश की है। इस समय देश की राजनीति में इसपर खूब बहस छिड़ी हुई है। आरएसएस और भारतीय जनता पार्टी तरह-तरह से कांग्रेस को घेर रहे हैं। ऐसे में इसपर विचार करना जरूरी हो गया है कि आखिर राहुल गांधी ने जो दावा किया है, उसको लेकर संघ की सोच क्या रही है ? वह हिंदू धर्म और हिंदुत्व में कितना अंतर समझता है ?

राहुल गांधी के नजरिए से क्या है हिंदुत्व ?

राहुल गांधी के नजरिए से क्या है हिंदुत्व ?

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने हाल ही में हिंदू धर्म और हिंदुत्व को दो अलग चीजें बताया है। राहुल गांधी ने तर्क दिया है कि 'अगर दोनों एक ही चीजें हैं तो उनका नाम एक ही क्यों नहीं है? अगर दोनों एक ही हैं तो हिंदू धर्म क्यों कहा जाता है, सिर्फ हिंदुत्व क्यों नहीं ? निश्चित रूप से दोनों भिन्न चीजें हैं। क्या सिख या मुस्लिम को पीटना हिंदू धर्म है ? बेशक हिंदुत्व में है। लेकिन, क्या हिंदू धर्म अखलाक की हत्या को लेकर है? किस पुस्तक में यह लिखा है ? मैंने नहीं देखा है। मैंने उपनिषद पढ़ा है, मैनें नहीं देखा है। एक बेगुनाह को मारना कहां लिखा है, मैं नहीं खोज पाया हूं। .....मैं हिंदुत्व में इसे देख सकता हूं।'

हिंदू धर्म और हिंदुत्व को लेकर क्यों हो रही है बहस ?

हिंदू धर्म और हिंदुत्व को लेकर क्यों हो रही है बहस ?

राहुल गांधी ने किसी का नाम नहीं लिया, लेकिन जिस मौके पर उन्होंने अपनी दलीलें पेश कीं, उससे साफ संदेश गया कि वे पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस के चर्चित मुस्लिम चेहरे सलमान खुर्शीद के बिगड़े बोल को सही ठहराने की कोशिश कर रहे हैं। अयोध्या में भव्य राम मंदिर के निर्माण का रास्ता साफ करने के सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले की दूसरी वर्षगांठ के मौके पर उन्होंने अयोध्या मसले पर ही अपनी एक किताब का विमोचन करवाया है, जिसमें उन्होंने हिंदुत्व की तुलना दुनियाभर में खौफ के पर्याय बन चुके आईएससआईएस और बोको हरम जैसे जिहादी मुस्लिम संगठनों से करने की कोशिश की है। उन्होंने लिखा है, 'मुनियों और संतों की पहचान सनातन धर्म और मूल हिंदू धर्म को कट्टर हिंदुत्व की विचारधारा ने किनारे कर दिया है, इसका राजनीतिक संस्करण हर तरह से हाल के सालों में आईएसआईएस और बोको हरम जैसे सक्रिय जिहादी मुस्लिम संगठनों के जैसा है।'

आरएसएस की नजर में क्या है हिंदुत्व ?

आरएसएस की नजर में क्या है हिंदुत्व ?

कांग्रेस हिंदू धर्म और हिंदुत्व को जिस तरह से अलग बताने की कोशिश कर रही है और हिंदुत्व की जो खौफनाक तस्वीर पेश करना चाह रही है, राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ उससे काफी पहले हिंदू धर्म और हिंदुत्व के अंतर को जाहिर करता रहा है। राहुल के बयान से काफी पहले आरएसएस के चीफ मोहन भागवत ने हिंदुत्व की व्याख्या करते हुए कहा था कि, "हिंदुत्व का अर्थ है कट्टरपंथ नहीं। सबको अपना मानना, सबको स्नेह देना। हिंदू के मन की कल्पना तो सबसे विशाल है। वसुधैव कुटुंबकम। सारी दुनिया को हिंदू बाजार नहीं मानता, वर्ल्ड मार्केट की बात नहीं करता, वर्ल्ड फैमिली की बात करता है।...ऐसे आत्मियतापूर्ण भाव का नाम है हिंदुत्व।"

हिंदू नाम बाद में आया, हिंदुत्व पहले से है- भागवत

हिंदू नाम बाद में आया, हिंदुत्व पहले से है- भागवत

संघ प्रमुख की मानें तो हिंदू नाम तो बहुत बाद में पड़ा है, हिंदुत्व की भावना काफी पुरानी है। उन्होंने कहा था कि 'खूब कमाओ लेकिन ईमानदारी से। अपने परिश्रम से कमाओ....लेकिन जो कमाया है वो भी हमारा नहीं भगवान का है...इसलिए दोनों हाथों से कमाओ और हजार हाथों से वितरित को। यही हिंदुत्व है। विज्ञान के क्षेत्र में खूब बढ़ो, लेकिन उदंडता नहीं हो, सृष्टि को शोषण ना करो...प्रकृति से उतना ही लो, जितनी अपनी पेट के लिए जरूरी हो। और हम प्रकृति से लेकर उसका जितना नुकसान करते हैं, उसका दस गुना भरपाई करो। पर्यावरण को सुरक्षित रखो।' भागवत के शब्दों में, "हिंदुत्व क्या है......हिंदू नाम तो बहुत बाद में आया है। वो नाम आने के पहले इसी को मानवधर्म कहते थे। यही मानवता है, यही मनुष्यता है। यही बंधुभाव है। व्यक्ति, समाज और सृष्टि सबका जीवन सुखदपूर्वक चले...ऐसा संतुलित विकास सबका साधने वाला....मनुष्य के शरीर, मन, बुद्धि की आवश्यकता, संतुलित रूप पूरा होकर, वो मोक्ष की ओर बढ़े, ऐसी प्रेरणा देने वाला, इन सबका आपस का संतुलन, इसी का नाम हिंदुत्व है और यह सत्य है और दुनिया में अपनी पहचान है।"

हिंदुत्व वाली बातों पर सलमान खुर्शीद ने दी सफाई

हिंदुत्व वाली बातों पर सलमान खुर्शीद ने दी सफाई

राहुल गांधी तो हिंदू धर्म और हिंदुत्व पर अपने ज्ञान के मुताबिक सियासी तरकश से तीर चला चुके हैं, लेकिन सलमान खुर्शीद जरूर अपनी किताब में लिखी बातों पर सफाई लेकर सामने आए हैं। उन्होंने कहा है, 'ऐसा लगता है कि कुछ लोग हिंदू धर्म को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं। वे हिंदू धर्म के दुश्मन हैं और इस बात से परेशान हैं कि उनकी सच्चाई सामने आ जाएगी। वह किताब को बैन करेंगे, जिससे उनकी सच्चाई सामने आती है।' इसके बाद हिंदुत्व पर कही अपनी बातों पर उन्होंने यह सफाई दी है कि, 'आईएसआईएस और बोको हरम ने इस्लाम को बदनाम किया, लेकिन इस्लाम को मानने वाले किसी ने भी इसका विरोध नहीं किया। मैंने नहीं कहा कि आईएसआईएस और हिंदुत्व एक हैं, मैंने कहा था कि दोनों एक ही जैसे हैं। '

हिंदू नाम तो बहुत बाद में आया है। वो नाम आने के पहले इसी को (हिंदूत्व) मानवधर्म कहते थे। यही मानवता है, यही मनुष्यता है। यही बंधुभाव है। व्यक्ति, समाज और सृष्टि सबका जीवन सुखदपूर्वक चले...ऐसा संतुलित विकास सबका साधने वाला....मनुष्य के शरीर, मन, बुद्धि की आवश्यकता, संतुलित रूप पूरा होकर, वो मोक्ष की ओर बढ़े, ऐसी प्रेरणा देने वाला, इन सबका आपस का संतुलन, इसी का नाम हिंदुत्व है और यह सत्य है और दुनिया में अपनी पहचान है- मोहन भागवत

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