पीएम मोदी के कैबिनेट विस्तार का 4पी फॉर्मूला
मोदी सरकार के नए कैबिनेट विस्तार में 4 पी के फॉर्मूले के आधार पर चुने गए मंत्री, अनुभव को बनाया गया है मुख्य आधार
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस बार अपने कैबिनेट विस्तार में एक नया फार्मूला लागू किया है । इस फॉर्मूले को 4पी नाम दिया गया है। इस फॉर्मूले के साथ ही सांसदों की संसद में उपस्थिति और निर्वाचन क्षेत्र में किए गए काम और लोकप्रियता को भी खासा ध्यान में रखा गया है। पीएम मोदी का जो 4पी फॉर्मूला है उसके अनुसार पैशन, पर्फार्मेंस, प्रोफेशनल और पॉलिटिकल है, जिसे नए मंत्रियों के चयन करने में लागू किया गया है। यह वह अहम पहलू हैं जिसे नए मंत्रियों के चयन से पहले ध्यान में रखा गया है।

लंबे अनुभव को प्राथमिकता
इन्ही तमाम पहलुओं को ध्यान में रखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुंबई के पूर्व कमिश्नर सत्यपाल सिंह, पूर्व राजनयिक हरदीप पुरी, सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी अल्फोंस कननथनम व पूर्व गृह सचिव आरके सिंह को मंत्रिमंडल में शामिल करने का फैसला लिया है। इसके अलावा पांच और नए चेहरे हैं जिन्हें मंत्रिमंडल में शामिल किया जाएगा।

कई मोर्चे पर काम आएगा अनुभव
हरदीप पुरी अपने साथ काफी सारा अनुभव लेकर आते हैं, विदेश नीति के मामले में उनके पास काफी अनुभव है। जबकि मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नकर सत्यपाल सिंह के पास भी पुलिस का काफी लंबा अनुभव है। उन्होंने अपराधियों के सिंडिकेट के खिलाफ बड़ा काम किया है, ऐसे में मोदी सरकार में वह कानून व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए बेहतर साबित हो सकते हैं।

नए भारत का लक्ष्य
वहीं अगर अल्फोंस कननथनम की बात करें तो वह पहले केरल के सांसद हैं जो मोदी सरकार में मंत्री बनेंगे। जिस वक्त वक्त वह दिल्ली विकास प्राधिकरण में तैनात थे उन्हें दिल्ली में अवैध कब्जे का विध्वंसक माना जाता था। जबकि आरके सिंह के पास काफी प्रशासनिक अनुभव है, उन्होंने अपने सेवाकाल में कई विभागों कि जिम्मेदारी संभाली है। ऐसे में इन तमाम नए और अनुभवी चेहरों के साथ पीएम मोदी नए भारत के सपने को साकार करने का लक्ष्य रखेंगे।












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