Covid-19 Vaccine Dry Run: कोरोना वैक्सीन का ड्राई रन क्या होता है और क्या होगा उसके बाद, यहां जानें सबकुछ
Covid-19 Vaccine Dry Run: कोरोना वैक्सीन का ड्राई रन क्या होता है और क्या होगा उसके बाद, यहां जानें सबकुछ
What is Dry Run for Coronavirus Vaccine in india: भारत में आज (शनिवार 2 जनवरी) से कोरोना वायरस वैक्सीन का ड्राई रन शुरू हो गया है। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के मुताबिक आज से कोविड-19 वैक्सीन के ड्राई रन सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में 259 स्थलों पर 116 जिलों में हो रहा है। अब ड्राई रन को लेकर बहुत सारे लोगों के मन में सवाल है आखिर ये ड्राई रन होता क्या है? इसकी क्या प्रक्रिया है और ड्राई रन की प्रक्रिया के बाद क्या किया जाएगा?...ऐसे सारे सवालों का जवाब हम आपको यहां बताएंगे। सबसे पहले बात करते हैं कि आखिर ड्राई रन क्या होता है? (know about Covid-19 Vaccine Dry Run) ड्राई रन एक तरह की प्रकिया होती है, जिसमें टीकाकरण के सारे प्लान का प्रैक्टिकल तरीके से टेस्ट किया जाता है।
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क्या होता है ड्राई रन?
आसान शब्दों में कहे तो ड्राई रन का मतलब वैक्सीनेशन प्रोसेस का मॉक ड्रिल होना है। यानी ड्राई रन में सबकुछ वैसा ही होगा जैसे वैक्सीनेशन अभियान में असल में होने वाला है। इसमें सिर्फ कोविड-19 का वैक्सीन लगाया नहीं जाएगा और वैक्सीन एडमिनिस्ट्रेशन भी नहीं किया जाएगा। इसमें सबसे पहले डमी वैक्सीन कोल्ड स्टोरेज से निकलकर वैक्सीनेशन सेंटर तक कैसे पहुंचेगी, टीका स्थल पर भीड़ का प्रबंधन ( क्राउड मैनेजमेंट) कैसे किया जाएगा, एक दूसरे के बीच दूरी सोशल डिस्टेंसिंग की व्यवस्था कैसे की जाएगी इस सब का लाइव टेस्ट किया जाएगा। इसके अलावा ड्राई रन के तहत वैक्सीन की रियल-टाइम मॉनिटरिंग को भी टेस्ट किया जाएगा।
कुल मिलाकर असली में वैक्सीन डोज देने को छोड़कर वैक्सीन के कोल्ड स्टोरेज से लेकर डमी वैक्सीन देने तक की पुरी प्रक्रिया का लाइव टेस्ट होगा और हर एक चीज परखी जाएगी। उसके बाद उसका फीडबैक लिया जाएगा, ये देखा जाएगा कि कहां क्या कमी रह गई है। सरकार Co-WIN ऐप के जरिए भी ड्राई रन पर रियल-टाइम मॉनिटरिंग करेगी।
ड्राई रन के बाद क्या होता है?
ड्राई रन के बाद क्या किया जाएगा, तो आपको बता दें कि देशभर के सभी राज्यों के ड्राई रन साइट्स पर ये प्रक्रिया दो दिनों तक चलेगी, उसके बाद एक फीडबैक रिपोर्ट तैयार की जाएगी। जिसका रिव्यू स्टेट लेवल पर बनी टास्क फोर्स करेगी। इसके बाद इस रिपोर्ट को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय भेजी जाएगी। फिर से केंद्रीय स्तरों पर राज्यों में हुए ड्राई रन की फाइंडिंग्स का फिर रिव्यू होगा। फीडबैक के बाद अगर सरकार को लगता है कि इस प्लान में कोई कमी है तो उसको पूरा किया जाएगा। इसके अलावा अगर ड्राई रन में सारी प्रक्रिया सही रहती है तो प्लान के हिसाब से ही जनवरी में कोरोना वैक्सीनेशन का प्रक्रिया जनवरी 2021 में लॉन्च कर दी जाएगी।












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