Cloudburst: 'प्रेग्नेंट क्लाउड' के गुस्से को कहते हैं 'बादल फटना', जानिए क्या होती है 'आकाशीय बिजली?
नई दिल्ली, 12 जुलाई। भारी बारिश के कारण आज हिमाचल के धर्मशाला शहर के भागसू नाग में 'बादल फटने' से भारी तबाही हुई है, कई घरों-होटलों में पानी भर गया है तो वहीं कई गाड़ियां पानी में बह गई हैं,जबकि दो लोगों के लापता होने की खबर भी सामने आई है। तो वहीं देश के तीन बड़े राज्यों यूपी, एमपी और राजस्थान में रविवार को 'आकाशीय बिजली' गिरने से अब तक 70 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है।
Recommended Video

मानसून सीजन
आपको बता दें कि अक्सर मानसून सीजन में हमें अक्सर इस तरह की घटनाएं देखने को मिलती हैं, जिसके बाद एक ही सवाल दिल-दिमाग में कौंधता है कि आखिर 'बादल फटना' या 'बिजली गिरना' होता क्या है और इस तरह की घटनाएं घटती क्यों हैं?
तो चलिए जानते हैं इसके बारे में विस्तार से

क्या होता है 'बादल फटना'?
दरअसल 'बादल फटने' का अर्थ होता है एक 'प्रेग्नेंट क्लाउड' का गुस्सा फूटना। 'गर्भवती बादल' का मतलब पानी से भरे हुए बादल का होना है, जो कि जब किसी बाधा से टकराते हैं तो प्रलय के रूप में बरसते हैं और स्थिति बाढ़ वाली हो जाती है। इस वक्त पानी का बहाव काफी तेज होता है और इसी वजह से जो भी इसकी चपेट में आता है, उसके बचने के चांस काफी कम होते हैं।
'प्रेग्नेंट क्लाउड'
हालांकि ये एक प्राकृतिक घटना है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक 'प्रेग्नेंट क्लाउड' के अंदर कई गैलन पानी होता है और इसलिए जब इससे कोई बाधा टकराती है तो संघनन की क्रिया होने लगती हैं और ये तेजी से फट जाता है और भारी बरसात होने लगती है। मानसून सीजन में जब साउथ-वेस्ट मानसून तेजी से आगे बढ़ता है तो उस वक्त 'प्रेग्नेंट क्लाउड' की संख्या काफी ज्यादा होती है और इसलिए मानसून सीजन में इस तरह की घटनाएं ज्यादा देखने को मिलती हैं।

क्या होती है आकाशीय बिजली?
आकाशीय बिजली को 'तड़ित' या 'वज्रपात' भी कहा जाता है, जो कि अक्सर तबाही का कारण बनती है। मालूम हो कि जब वायुमंडल में विधुत आवेश एक-दूसरे में स्थानांतरित होते हैं, तब काफी कड़कड़ाहट होती है, जिसे कि thunder कहा जाता है? बारिश के दिनों में आकाश में बादलों के बीच काफी टकराव होता है, जिससे बिजली में काफी स्पार्क होता है, जिसे कि आम भाषा में हम 'बिजली चमकना' कहते हैं।

क्या करें और क्या ना करें
- अगर तेज बारिश हो रही है और बिजली चमक रही है और आप बाहर हैं तो आप किसी खुले मैदान से काफी दूर रहिए।
- बिजली ऊंची चीज से आकर्षित होती है इसलिए इस दौरान बड़े वृक्ष, बिजली के खंभे से भी दूर रहना चाहिए।
- अपनी कार से जा रहे हैं और बिजली कड़कने लगे तो कार के अंदर ही दरवाज़े बंद करके बैठे रहें , ये सेफ है।
- क्योंकि बिजली कार पर गिरेगी तो उसकी ऊपरी सतह से होते हुए सीधे ज़मीन में चली जाएगी, कार के अंदर नहीं जाएगी।
- छाते का प्रयोग ना करें, क्योंकि बिजली छाते की धातु पर भी आकर्षित होती है, जिससे खतरा हो सकता है।
- घर के सारे बिजली के स्विच बंद कर लें।
- घर की बालकनी या छत पर बिजली कड़कने के दौरान मोबाइल का प्रयोग ना करें।












Click it and Unblock the Notifications