क्या है 2018 का वो केस, जिसमें अर्नब गोस्वामी को मुंबई पुलिस ने उनके घर से गिरफ्तार किया
रिपब्लिक टीवी के पत्रकार अर्नब गोस्वामी को मुंबई पुलिस ने 2018 के एक मामले में बुधवार सुबह-सुबह उनके घर से गिरफ्तार कर लिया
नई दिल्ली। रिपब्लिक टीवी के संपादक अर्नब गोस्वामी को मुंबई पुलिस ने 2018 के एक मामले में बुधवार सुबह-सुबह उनके घर से गिरफ्तार कर लिया। इस दौरान अर्नब गोस्वामी ने आरोप लगाया कि मुंबई पुलिस ने उनके साथ मारपीट की और उन्हें दवाई तक लेने नहीं दी। मामले पर केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि मीडिया के साथ इस तरह का व्यवहार नहीं किया जाना चाहिए और प्रेस को इस तरीके से केवल इमरजेंसी के दौर में दबाया जाता था। वहीं, शिवसेना सांसद संजय राउत ने मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अगर पुलिस के पास किसी मामले में सबूत हैं तो वो आरोपी के खिलाफ एक्शन ले सकती है और इसमें कुछ भी गलत नहीं। आइए जानते हैं कि क्या है वो मामला, जिसमें आज मुंबई पुलिस ने अर्नब गोस्वामी को गिरफ्तार किया है।

अन्वय नाइक और उनकी मां ने की थी खुदकुशी
मुंबई पुलिस ने जिस मामले में अर्नब गोस्वामी को गिरफ्तार किया है, वो 2018 का है। मई 2018 में 53 वर्षीय इंटीरियर डिजाइनर अन्वय नाइक और उनकी 73 वर्षीय मां कुमुद नाइक ने मुंबई के अलीबाग स्थित अपने घर में खुदकुशी कर ली थी। अलीबाग पुलिस को मौके से एक सुसाइड नोट मिला, जिसमें अन्वय नाइक ने लिखा था कि अर्नब गोस्वामी, फिरोज शेख और नितिश सारदा ने उनके 5.40 करोड़ रुपए का भुगतान नहीं किया है, जिसकी वजह से उन्हें आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ रहा है और इसीलिए वो खुदकुशी कर रहे हैं।

2019 में रायगढ़ पुलिस ने बंद किया केस
दरअसल, जिस समय मुंबई में रिपब्लिक टीवी का दफ्तर बन रहा था, उस वक्त उसके इंटीरियर डिजाइनिंग का काम कॉनकॉर्ड डिजाइंस प्राइवेट लिमिटेड को मिला, जिसके मैनेजिंग डायरेक्टर अन्वय नाइक थे। अन्वय नाइक ने अपने सुसाइड नोट में आरोप लगाया कि बार बार मांगने पर भी अर्नब गोस्वामी, फिरोज शेख और नितिश सारदा ने उनके काम का भुगतान नहीं किया और वो आर्थिक परेशानी में घिर गए। इस मामले में अलीबाग पुलिस ने 2018 में आत्महत्या के लिए उकसाने का केस दर्ज किया, लेकिन 2019 में रायगढ़ पुलिस ने इस केस को बंद कर दिया।

अन्वय नाइक की बेटी अदन्या ने की जांच की मांग
इसके बाद मई 2020 में अन्वय नाइक की बेटी अदन्या नाइक ने महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख से मुलाकात की और मामले की शिकायत करते हुए कहा कि अलीबाग पुलिस ने अर्नब गोस्वामी के रिपब्लिक टीवी से उनके पिता को भुगतान मामले की जांच ही नहीं की। अदन्या नाइक की शिकायत के बाद गृह मंत्री अनिल देशमुख ने इस पूरे मामले की सीआईडी जांच के आदेश दे दिए।

रिपब्लिक टीवी ने खारिज किए थे आरोप
अन्वय नाइक की कंपनी कॉनकॉर्ड डिजाइंस प्राइवेट लिमिटेड में उनकी मां कुमुद नाइक भी बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स में शामिल थीं। सुसाइड नोट में अर्नब गोस्वामी का नाम लिखा था, इसलिए अन्वय नाइक की पत्नी अक्षता ने उनके खिलाफ अलीबाग पुलिस थाने में केस दर्ज कराया था। वहीं, रिपब्लिक टीवी की तरफ से भुगतान ना करने के आरोपों को उस समय खारिज कर दिया गया था। रिपब्लिक टीवी ने कहा कि कंपनी को काम के बदले तय की गई रकम दे दी गई है और चैनल को बदनाम करने के लिए यह सब किया जा रहा है।

गृह मंत्री अमित शाह ने किया विरोध
इस मामले को लेकर गृह मंत्री अमित शाह ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है। अमित शाह ने ट्वीट करते हुए लिखा, 'कांग्रेस और उनके सहयोगियों ने आज एक बार फिर लोकतंत्र को शर्मसार किया है। रिपब्लिक टीवी और अर्नब गोस्वामी के खिलाफ राज्य की सत्ता का इस तरह दुरुपयोग एक व्यक्ति की स्वतंत्रता और लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर हमला है। इस मामले ने हमें एक बार फिर से आपातकाल की याद दिला दी है। मीडिया की स्वतंत्रता पर इस हमले का विरोध किया जाना चाहिए और विरोध होगा।'












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