गृह मंत्रालय आखिर क्या कर रहा है: नागलैंड की घटना पर राहुल गांधी नें केंद्र पर साधा निशाना

नागालैंड के मोन जिले में एक उग्रवाद विरोधी अभियान के दौरान 13 नागरिकों और एक जवान के मारे जाने पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने केंद्र पर जमकर निशाना साधा।

कोहिमा, 5 दिसंबर। रविवार 5 दिसंबर को नागालैंड के मोन जिले में एक उग्रवाद विरोधी अभियान के दौरान 13 नागरिकों और एक जवान के मारे जाने पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने केंद्र पर जमकर निशाना साधा। राहुल गांधी ने इस घटना को लेकर एक ट्वीट कर कहा, 'यह हृदय विदारक है। भारत सरकार को वास्तविक जवाब देना चाहिए। गृह मंत्रालय वास्तव में कर क्या रहा है जब हमारी ही जमीन पर न तो नागरिक सुरक्षित हैं और न ही सुरक्षाकर्मी।' राहुल की यह प्रतिक्रिया म्यांमार की सीमा से लगे मोन जिले के ओटिंग गांव में और उसके आसपास असम राइफल्स के सदस्यों द्वारा चलाए गए आतंकवाद विरोधी अभियान के दौरान हुई घटना के बाद आई है।

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     Rahul Gandhi

    क्या था पूरा मामला

    फायरिंग तब शुरू हुई जब 30 या अधिक कोयला खदान मजदूरों को लेकर एक ट्रक असम राइफल्स कैंप क्षेत्र से गुजर रहा था। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि सैनिकों को इलाके में कुछ उग्रवादी गतिविधियों के बारे में खुफिया जानकारी मिली थी और ट्रक को देखकर उन्होंने खनिकों को विद्रोही समझ लिया और गोली चलाकर 6 मजदूरों की हत्या कर दी। जैसे ही इस घटना के बारे में गांव वालों को पता चला सैकड़ों की संख्या में आदिवासी लोगों ने असम राइफल्स के कैंप को घेर लिया। उन्होंने असम राइफल्स के वाहनों को जला दिया और हथियारों के साथ सैनिकों से भिड़ गए। इसके बाद असम राइफल्स ने जवाबी कार्रवाई की। इस हमले में आठ अन्य नागरिक मारे गए जबकि एक सुरक्षाकर्मी की भी मौत हो गई।

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    अमित शाह ने जताया दुख

    इस पूरी घटना को लेकर गृह मंत्री अमित शाह ने दुख जताया है। उन्होंने कहा कि शनिवार देर रात हुई इस घटना में आम नागरिकोंके मारे जाने की खबर से वह दुखी हैं। नागालैंड के मुख्यमंत्री ने घटना की उच्च स्तरीय जांच का वादा किया और समाज के सभी वर्गों से शांति बनाए रखने की अपील की। इस बीच, भारतीय सेना ने घटना की कोर्ट ऑफ इंक्वायरी के आदेश दिए हैं।

    कोर्ट ऑफ इंक्वायरी द्वारा होगी मामले की जांच- सेना

    सेना ने एक बयान जारी कर कहा कि इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना की जांच कोर्ट ऑफ इंक्वायरी द्वारा "उच्चतम स्तर" पर की जा रही है और कानून के अनुसार उचित कार्रवाई की जाएगी। सेना के अधिकारियों ने इस अभियान को लेकर कहा कि विश्वसनीय खुफिया सूचनाओं के आधार पर ही सेना ने यह अभियान चलाया था, इस घटना में आम नागरिकों की जान जाने का हमें खेद है। मामले में उचित कार्रवाई की जाएगी। सेना ने आगे कहा कि इस अभियान में सुरक्षा बलों को गंभीर चोटें आई हैं जबकि एक जवान ने दम तोड़ दिया।

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