विकास दुबे के एनकाउंटर के दौरान क्या-क्या हुआ, चश्मदीदों ने बताई पूरी कहानी
घटना के वक्त मौके पर मौजूद चश्मदीदों ने एनकाउंटर का आंखों देखा हाल बताया है...
नई दिल्ली। कानपुर में 3 जुलाई को आठ पुलिसकर्मियों की हत्या करने वाला कुख्यात हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे सात दिन बाद कानपुर के पास ही पुलिस की गोली से मारा गया। हालांकि इस एनकाउंटर को लेकर कई तरह के सवाल भी उठ रहे हैं। सोशल मीडिया पर लिख रहे लोगों का कहना है कि जब उसने खुद उज्जैन में सरेंडर कर दिया तो फिर वो भागेगा क्यों? इसके अलावा विकास दुबे को कानपुर लाए जाने के दौरान रास्ते में गाड़ी बदलने को लेकर भी यूपी पुलिस सवालों के घेरे में है। वहीं, मामले में अब घटना के वक्त मौके पर मौजूद चश्मदीदों ने एनकाउंटर का आंखों देखा हाल बताया है।
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'पुलिस ने हमें वापस भेज दिया'
न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक, घटना के वक्त वहां से गुजर रहे आशीष पासवान नामक शख्स ने बताया, 'हम उस वक्त अपने घर लौट रहे थे कि तभी हमने अचानक गोलियां चलने की आवाज सुनी। जब हम देखने के लिए आगे बढ़े तो पुलिस ने हमें वापस भेज दिया।' गौरतलब है कि यह घटना जहां घटी, वो जगह कानपुर शहर से करीब एक घंटे की दूरी पर है।

'सब हॉस्पिटल गए, अपनी गाड़ी में ही भेजा'
मौके पर मौजूद लोगों से ये पूछने पर कि क्या वहां एंबुलेंस पहुंची थी, एक अन्य युवक ने बताया, 'सब हॉस्पिटल गए, अपनी गाड़ी में ही भेजा है।' आपको बता दें कि विकास दुबे को गुरुवार को उज्जैन के महाकाल मंदिर से पकड़ा गया था। विकास दुबे के पकड़े जाने के बाद मध्य प्रदेश पुलिस ने उसे यूपी एसटीएफ को सौंप दिया था। मामले की जानकारी देते हुए कानपुर पश्चिम के एसपी ने बताया कि पुलिस और एसटीएफ टीम विकास को लेकर लौट रही थी कि तभी कानपुर नगर भौंती के पास पुलिस की गाड़ी दुर्घटनाग्रस्त होकर पलट गई।

'गाड़ी पलटने के दौरान छीनी पिस्टल'
कानपुर पश्चिम के एसपी के मुताबिक, 'गाड़ी पलटने के दौरान विकास ने एक पुलिसकर्मी की पिस्टल छीन ली और पुलिसवालों पर फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस टीम ने विकास को चेतावनी दी कि वो सरेंडर कर दे, लेकिन वो नहीं माना। विकास के फायर करने के बाद पुलिस ने भी आत्मरक्षा में गोली चलाई और विकास दुबे के सीने व कमर में गोली लगी। इसके बाद उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।'

12 वांटेड बदमाश अभी भी फरार
वहीं इस पूरे मामले को लेकर जानकारी देते हुए यूपी के एडीजी (लॉ़ एंड ऑर्डर) प्रशांत कुमार ने बताया, 'घटना के दौरान तीन सब इंस्पेक्टर, एक कांस्टेबल और एसटीएफ के दो कमांडो घायल हुए हैं। इस केस में अभी तक तीन लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, 6 आरोपी मारे जा चुके हैं और आईपीसी की धारा 120बी के तहत 7 लोगों को जेल भेजा जा चुका है। वहीं अभी भी 12 वांटेड बदमाश फरार चल रहे हैं।'

फरीदाबाद से उज्जैन पहुंचा विकास
आपको बता दें कि इससे पहले विकास दुबे को मंगलवार रात को फरीदाबाद के एक होटल में देखा गया था। हालांकि पुलिस के पहुंचने से पहले ही विकास दुबे फरार हो गया, लेकिन यहां से मिले सुराग के जरिए यूपी एसटीएफ ने उसका दायां हाथ माने जाने वाले अमर दुबे को हमीरपुर में एक मुठभेड़ में मार गिराया। अमर दूबे को विकास दुबे का पर्सनल बॉडीगार्ड माना जाता था। इसके अलावा विकास दुबे के करीबी और 25 हजार के इनामी बदमाश श्यामू बाजपेई को भी पुलिस ने धर दबोचा।

अखिलेश ने योगी सरकार को घेरा
दूसरी तरफ इस एनकाउंटर को लेकर विपक्ष ने भी सवाल खड़े किए हैं। सपा अध्यक्ष और यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने ट्वीट करते हुए लिखा, 'दरअसल ये कार नहीं पलटी है, राज खुलने से सरकार पलटने से बचाई गई है।' इससे पहले गुरुवार को जब विकास दुबे पकड़ा गया था, तो अखिलेश यादव ने इसमें मिलीभगत की आशंका जताई थी। अखिलेश ने ट्वीट करते हुए लिखा था, 'खबर आ रही है कि ‘कानपुर-काण्ड' का मुख्य अपराधी पुलिस की हिरासत में है। अगर ये सच है तो सरकार साफ़ करे कि ये आत्मसमर्पण है या गिरफ्तारी। साथ ही उसके मोबाइल की CDR सार्वजनिक करे जिससे सच्ची मिलीभगत का भंडाफोड़ हो सके।'












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