JK Elections: जम्मू-कश्मीर का एक दशक लंबा इंतजार खत्म, विधानसभा चुनावों की घोषणा पर क्या बोले कश्मीरी?
Jammu Kashmir Elections: जम्मू कश्मीर में एक दशक यानी 10 साल बाद विधानसभा चुनाव होने जा रहे हैं। चुनाव आयोग ने शुक्रवार (16 अगस्त )को जम्मू कश्मीर और हरियाणा में विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान किया है। जम्मू-कश्मीर में तीन चरणों में मतदान होंगे। चार अक्तूबर को रिजल्ट जारी होंगे।
जम्मू-कश्मीर ऐतिहासिक चुनावों के लिए तैयार है। अनुच्छेद 370 हटने के बाद यहां पहली बार विधानसभा चुनाव होने जा रहे हैं। प्रशासनिक नियंत्रण के बाद अब चुनाव आयोग ने 18 सितंबर से तीन चरणों में विधानसभा चुनाव कराने की योजना बनाई गई है।

जम्मू-कश्मीर में लंबे वक्त से चले आ रहे उपराज्यपाल शासन के बाद अब यहां जनता अपनी सरकार चुनने जा रही है। ऐसे में जम्मू-कश्मीर के लोगों और नेताओं की चुनावों को लेकर प्रतिक्रिया सामने आई है। लोगों में चुनाव के ऐलान से आशा की एक लहर दौड़ी है।
लोगों को अपनी सरकार का इंतजार
जम्मू-कश्मीर के लोग लंबे समय से अपनी चुनी हुई सरकार का इंतजार कर रहे थे। यह एक दशक के लंबे अंतराल के बाद एक अहम कदम उठाया गया है।
केंद्र सरकार ने यह निर्णय लेने में समय लिया, लेकिन कई लोगों का मानना है कि यह सही है। चुनाव आयोग की घोषणा से लोगों में नई उम्मीद और उत्साह का संचार हुआ है, जो एक बार फिर लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भाग लेने के लिए उत्सुक हैं।
चुनाव के ऐलान से खुश कश्मीरी
वनइंडिया से बात करते हुए वसीम हसन और जावेद अहमद जैसे स्थानीय निवासी सरकार के शासन की वापसी का स्वागत करते हैं, जिन्होंने कहा कि हम चुने गए प्रतिनिधियों के जरिए सीधे क्षेत्रीय मुद्दों को उठाने के लिए तैयार हैं। हालांकि, राजनीतिक प्रतिक्रियाएं मिली-जुली सामने आई हैं।
महबूबा मुफ्ती के नेतृत्व वाली पीडीपी नेताओं ने चुनाव प्रचार के लिए कम वक्त देने का हवाला देते हुए केंद्र की आलोचना की है, जबकि भाजपा ने इसे पीडीपी पर बहाने बनाने का आरोप लगाया है।












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