दिल्ली के सीएम बनने के बाद क्या ना करें अरविंद केजरीवाल?
नई दिल्ली (विवेक शुक्ला)। दिल्ली के चुनाव परिणामों को देख यह साफ हो गया है कि दिल्ली में आम आदमी पार्टी सरकार बनाने जा रही है। यानी दिल्ली में एक साल के सूखे के बाद रिमझिम बारिश आयी है। ऐसे में उन्हें अन्ना ने कई सुझाव दिये हैं। कहा कि आप जो गलतियां पहले कर चुके हैं, अब मत करें।
अन्ना हजारे ने कहा कि मेट्रो से जाना, ऑटो में सफर करना, आदि दिखावे वाले कार्य अरविंद नहीं करें। इसके बजाये वो विकास पर ध्यान दें। अन्ना ने कहा कि अरविंद अपने आंदोलन को भूलें नहीं।
खैर हमने जब राजनीतिक के जानकारों से बात की, तो उन्होंने केजरीवाल के लिये निम्न सुझाव दिये-
- वे बात-बात पर धरना देने के लिए तैयार ना हो जाएं। जाहिर है केंद्र सरकार से कई बातों पर सहमति नहीं बनेगी, लेकिन ऐसा होने पर वो धरने पर न बैठ जायें।
- उन्होंने जैसा पिछले साल धरना दिया था मुख्यमंत्री होते हुए उस तरह का धरना कतई ना दें।
- वे केन्द्र सरकार से पंगे ना लें। यानी वह ममता बनर्जी की तरह से असहयोग आंदोलन ना करें।
- मुख्यमंत्री होते हुए उन्होंने जनता से कहा था कि वे उनसे दिल्ली सचिवालय में मिलेंगे। वे इस तरह के कदम ना उठाएं।
- उन्होंने कहा था कि वे लाल बत्ती वाली कार नहीं लेंगे। सच पूछिए तो यह प्रोटोकॉल होता है, जिसका पालन उन्हें करना ही चाहिये।
- अरविंद केजरीवाल लंबे-चौड़े सरकारी बंगले में रहने से बचें।
- वे अपनी एनजीओ से जुड़े एक्टिविस्ट की छवि को छोड़ें।
- बार-बार टीवी पर आकर यह कहना बंद करें कि कांग्रेस बुरी, भाजपा बुरी हम अच्छे।
- जनता ने उन्हें जनाधार दिया है। ऐसे में किसी भी काम में फेल होने पर दूसरों पर ठीकरा ना फोड़ें।
- दिल्ली पुलिस केंद्र के हाथ में है, उसका सहयोग करें, न कि कोई घटना होने पर उसे गरियें।













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