सांसदी छिन जाने के बाद महुआ मोइत्रा के पास क्या है कानूनी विकल्प? क्या जा सकती हैं कोर्ट?
Mahua Moitra legal options: कैश-फॉर-क्वेरी' मामले संसद की एथिक्स समिति की सिफारिश के बाद तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) नेता महुआ मोइत्रा को लोकसभा सांसद के रूप में निष्कासित कर दिया गया है। एथिक्स समिति की रिपोर्ट में कहा गया है कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार को घेरने के लिए संसद में सवाल पूछने के लिए महुआ मोइत्रा ने बिजनेमैन दर्शन हीरानंदानी से उपहार और नकदी ली थी। हालांकि महुआ मोइत्रा ने सभी आरोपों से इनकार किया है और एथिक्स कमेटी की आलोचना की है।
ऐसे में अब सवाल उठता है कि सांसदी छिन जाने के बाद महुआ मोइत्रा के पास कानूनी विकल्प क्या है। महुआ मोइत्रा संसद से निष्कासित किए जाने के फैसले को अब कोर्ट में चुनौती दे सकती हैं। उन्हें अदालत के समक्ष फैसले को चुनौती देने का अधिकार है। कोर्ट को महुआ मोइत्रा बता सकती है कि उनके खिलाफ लिया गया फैसला अवैधता, असंवैधानिकता या प्राकृतिक न्याय नहीं था।

क्या सुप्रीम कोर्ट में कभी ऐसे मामले पर सुनवाई की है?
संसदीय निष्कासन को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने अतीत में इसी तरह के मामलों पर अलग-अलग विचार पेश किए हैं। 2007 के सपा नेता राजा राम पाल मामले ने इस बात पर जो दिया गया था कि संसद के पास न्यायसंगतता के अधीन अपने सदस्यों को निष्कासित करने की शक्ति है।
इसके अलावा एक अन्य मामले में अमरिन्दर सिंह बनाम विशेष समित केस में सुप्रीम कोर्ट की पांच-न्यायाधीशों की पीठ ने पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री अमरिन्दर सिंह के निष्कासन को असंवैधानिक माना था।
महुआ मोइत्रा के कानूनी विकल्प
- सबसे पहले, महुआ मोइत्रा एथिक्स कमेटी के फैसले के खिलाफ अपील दायर कर सकती हैं। यह सुप्रीम कोर्ट या हाई कोर्ट कहीं भी जा सकती हैं।
- दूसरा, महुआ मोइत्रा एथिक्स कमेटी के अधिकार क्षेत्र और आचरण को भी चुनौती दे सकती हैं।
- तीसरा, महुआ मोइत्रा हस्तक्षेप की मांग कर सकती हैं। अपनी पार्टी या स्वतंत्र रास्ते के जरिए से, वह आचार समिति की कार्यवाही में पूर्वाग्रह, किसी भी प्रकार की गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए वरिष्ठ संसद या सरकारी अधिकारियों से संपर्क कर सकती हैं।
- चौथा, महुआ मोइत्रा दिल्ली हाई कोर्ट के समक्ष पहले से ही दायर मानहानि के मुकदमे के जरिए से राहत मांग सकती है। अगर मोइत्रा कई व्यक्तियों के खिलाफ मानहानि के मामले में यह साबित कर सकती है कि उसके खिलाफ लगाए गए आरोप निंदनीय, मनगढ़ंत या उसकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने वाले थे, तो वह एथिक्स कमेटी के फैसले को उलटने की उम्मीद कर सकती है।












Click it and Unblock the Notifications