जानिए क्या चाहते हैं झारखंड के माओवादी, क्या हैं उनकी मांगें?
रांची। झारखंड के गुमला जिले में रात को 100 से ज्यादा नक्सलियों ने एक गांव को घेर लिया और फिर लूटपाट की। इस बीच उनका विरोध करने वाले लोगों में से सात को गो लियों से उड़ा दिया। इतने बड़े नरसंहार के पीछे कई बड़े कारण हैं। और कई बड़ी मांगें भी। पिछली खबर में हमने आपको लोकतांत्रिक ढांचे से जुड़ी कुछ मांगों से रू-ब-रू करवाया। अब हम बतायेंगे कृषि व औद्योगिक नीतियों से जुड़ी माओवादियों की मांगें।

नक्सलियों की मांगें इस प्रकार हैं-
- भूमि से संबंधित कानून में संशोधन किये जायें। लैंड सीलिंग ऐक्ट को लागू किया जाये।
- लंबित पड़ी सिंचाई परियोजनाओं को जल्द से जल्द चालू किया जाये, ताकि किसानों को समय पर पानी मिल सके।
- राज्य के किसानों को सरकार पर्याप्त पानी मुहैया कराये, ताकि किसानों को बारिश का इंतजार नहीं करना पड़े।
- राज्य के पिछड़े इलाकों को 24 घंटे बिजली सप्लाई की जाये, ताकि वहां रहने वाले लोगों को वो सुविधाएं मिल सकें, जो बाकियों को मिलती हैं।
- जिन किसानों ने प्राइवेट लोन ले रखे हैं, उन्हें सरकार चुकाये, ताकि किसान आत्महत्या करने के लिये मजबूर नहीं हो।
- सरकार सूखे से बचने के लिये स्थाई योजना बनाये।
औद्योगिक नीतियों से जुड़ी मांगें
- स्थानीय संसाधनों को ध्यान में रखते हुए औद्योगिक नीतियां बनाये।
- निजी करण करके बाहर के लोगों को नौकरी देने के बजाये, स्थानीय लोगों को अवसर प्रदान करे।
- अच्छी नौकरी के लिये अच्छी शिक्षा की जरूरत है। सरकार शैक्षिक नीति में बदलाव करे।
- विश्व बैंक की उन परियोजनाओं को हटाया जाये, जो साम्राज्यवादियों के हाथों में हैं।
- मजदूरों की छटनी करना बंद करें। सरकारी परियोजनाओं को निजी हाथों में मत दें।












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