"बंगाल में महा जंगलराज", पीएम मोदी ने Messi के कोलकाता प्रोग्राम में अराजकता को लेकर ममता सरकार को घेरा
West Bengal Elections: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को तृणमूल कांग्रेस (TMC) पर पिछले साल अर्जेंटीना के फुटबॉल सुपरस्टार लियोनेल मेस्सी की कोलकाता यात्रा के कुप्रबंधन को लेकर आरोप लगाए। उन्होंने इस घटना को TMC के 'महा जंगलराज' का नतीजा बताया, जिससे राज्य की खेल संस्कृति भी प्रभावित हुई।
पीएम मोदी ने कहा, "टीएमसी सिंडिकेट ने यहां के खेल पारिस्थितिकी तंत्र को तबाह कर दिया है। कुछ महीने पहले कोलकाता में जो हुआ, जो तस्वीरें दुनिया भर के फुटबॉल प्रशंसकों तक पहुंचीं, वह महा जंगलराज का ही नतीजा था।" उन्होंने बंगाल के खिलाड़ियों को आश्वस्त किया कि 'खेलो इंडिया' अभियान के तहत नया खेल पारिस्थितिकी तंत्र बनेगा, और भाजपा राज्य की खेल संस्कृति को नई गति देगी।

मेस्सी के कोलकाता प्रोग्राम में क्या हुआ था?
गौरतलब है फेमस फुटबाल खिलाड़ी मेस्सी का कोलकाता दौरा, जो 'GOAT इंडिया टूर 2025' का पहला पड़ाव था, उस वक्त अव्यवस्था में बदल गया जब प्रशंसकों ने आरोप लगाया कि वीआईपी और राजनेताओं ने मैदान पर भीड़ लगाकर उन्हें फुटबॉल आइकन का स्पष्ट दृश्य देखने से रोका। गुस्साए प्रशंसकों ने खराब योजना और कुप्रबंधन का आरोप लगाते हुए स्टेडियम के कुछ हिस्सों में तोड़फोड़ की। इस हंगामे के बाद, पश्चिम बंगाल के खेल मंत्री अरूप बिस्वास ने अपने पद से इस्तीफा दिया, जिसे मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने स्वीकार किया।
"TMC ने मां, माटी, मानुष' के अपने मूल नारे को धोखा दिया"
वहीं हुगली के आरामबाग में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने आरोप लगाया कि राज्य की सत्तारूढ़ पार्टी ने 'मां, माटी, मानुष' के अपने मूल नारे को धोखा दिया है।आज टीएमसी नेता इन शब्दों का उच्चारण भी नहीं करते, क्योंकि उन्होंने 'मां' को रुलाया है, 'माटी' को घुसपैठियों और सिंडिकेट के हवाले कर दिया है, और 'मानुष' पर हिंसा, दमन व पलायन की तलवार लटकी हुई है।' उन्होंने टीएमसी सरकार को 'निर्मम' करार दिया, जिसकी विश्वसनीयता अब 'शून्य' हो गई है।
"TMC सरकार गुंडों द्वारा संचालित होती है"
प्रधानमंत्री ने टीएमसी सरकार पर आरोप लगाया कि वह या तो गुंडों द्वारा संचालित होती है, या फिर उच्च और उच्चतम न्यायालयों के आदेशों के बाद ही कोई कदम उठाती है। पीएम मोदी ने कोयला घोटाले का जिक्र करते हुए बताया कि उच्चतम न्यायालय ने हाल ही में टीएमसी को करारा झटका दिया था। उन्होंने आरोप लगाया कि 'टीएमसी सरकार जांच में बाधा डाल रही थी और सबूत नष्ट करने का प्रयास किया गया।' शीर्ष अदालत ने इसे 'बहुत गंभीर मामला' और 'लोकतंत्र के लिए खतरा' माना।
इससे पहले 22 अप्रैल को, उच्चतम न्यायालय की एक पीठ ने कहा था कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा एक केंद्रीय एजेंसी की जांच के बीच कथित हस्तक्षेप ने 'पूरे लोकतंत्र को खतरे में डाल दिया है'।
"महिलाएं अब निर्मम TMC सरकार के खिलाफ उठ खड़ी हुई हैं"
पीएम मोदी ने कहा कि बंगाल की महिलाएं अब 'निर्मम टीएमसी सरकार के खिलाफ उठ खड़ी हुई हैं।' उन्होंने विधानसभा चुनावों के पहले चरण में 23 अप्रैल को हुए रिकॉर्ड 91.78 प्रतिशत मतदान को इस बदलाव का स्पष्ट प्रमाण बताया।












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