पूर्वोत्तर भारत में बारिश का कहर! कई राज्यों में भूस्खलन-बाढ़ से जनजीवन बेहाल, 19 की मौत, हजारों लोग प्रभावित
Northeast India Weather: पूर्वोत्तर भारत इन दिनों भीषण प्राकृतिक आपदा का सामना कर रहा है। पिछले तीन दिनों से जारी भारी बारिश ने जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया है। मिजोरम, असम, मणिपुर, त्रिपुरा और अरुणाचल प्रदेश जैसे राज्यों में पहाड़ खिसकने लगे हैं, नदियां उफान पर हैं और कई इलाके पानी में डूब चुके हैं।
भूस्खलन और बाढ़ के चलते अब तक कम से कम 19 लोगों की जान जा चुकी है। दर्जनों लोग लापता हैं या उनके मलबे में दबे होने की आशंका जताई जा रही है। हजारों घर तबाह हो चुके हैं और करीब 12,000 लोग बेघर हो गए हैं। सड़कों के टूटने से कई शहरों और गांवों का संपर्क बाकी हिस्सों से कट गया है, जिससे राहत और बचाव कार्यों में भी भारी दिक्कतें आ रही हैं।

स्थानीय प्रशासन, पुलिस, और स्वयंसेवी संगठन लगातार राहत कार्यों में जुटे हैं, लेकिन लगातार हो रही बारिश और खराब इंफ्रास्ट्रक्चर के चलते बचाव अभियान बाधित हो रहे हैं। इस बीच, भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने चेतावनी दी है कि पूर्वोत्तर के कई इलाकों में आने वाले दिनों में और भी भारी बारिश हो सकती है। रेड अलर्ट जारी कर दिया गया है।
आइए जानते हैं किन राज्यों में क्या हालात हैं-
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मिजोरम में भूस्खलन से इमारतें ढहीं
मिजोरम के लॉन्गतलाई शहर में शुक्रवार रात भारी भूस्खलन से तीन इमारतें गिर गईं। बताया गया है कि इनमें से एक इमारत में होटल भी था, जहां म्यांमार से आए कुछ शरणार्थी रुके हुए थे। अब तक दो घायलों को मलबे से निकाला गया है, जबकि आठ लोगों के दबे होने की आशंका है।
बारिश के कारण राहत और बचाव कार्य में काफी मुश्किलें आ रही हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद यंग लाई एसोसिएशन (YLA) के सदस्य और पुलिस मिलकर लोगों को बचाने की कोशिश कर रहे हैं। YLA के नेता एल्विस लालथांगजुआला ने बताया, "भारी मलबे को हटाना बेहद मुश्किल हो रहा है, लेकिन हमारी टीम लगातार प्रयास कर रही है।" भूस्खलन के कारण नेशनल हाईवे-54 बंद हो गया है, जिससे लॉन्गतलाई और सियाहा के बीच संपर्क कट गया है।
असम में पांच की मौत, शहरी इलाकों में जलभराव
असम के कामरूप मेट्रो जिले में भूस्खलन से पांच लोगों की मौत हुई है। वहीं, राज्य के पांच जिलों में बाढ़ से 12,000 से ज्यादा लोग प्रभावित हुए हैं। गुवाहाटी और सिलचर में शहरी बाढ़ की स्थिति बनी हुई है, जहां 10,000 से ज्यादा लोग मुश्किल में हैं।
राज्य आपदा प्रबंधन विभाग (ASDMA) के अनुसार, बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत शिविर लगाए गए हैं। दो राहत शिविर अभी सक्रिय हैं। लखीमपुर में एक बंधा टूटने से कई इलाकों में पानी भर गया है।
बचाव कार्य में जुटी टीमें
राज्य और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (SDRF और NDRF) की टीमें राहत और बचाव कार्य में लगी हैं। IMD ने बताया है कि गुवाहाटी और आसपास के क्षेत्रों में बीते 24 घंटे में 90 से 134 मिमी बारिश दर्ज की गई है और आने वाले दिनों में और भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।
मेघालय की बारिश से भी असम प्रभावित
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने बताया कि मेघालय के पहाड़ी इलाकों में भारी बारिश के कारण असम के निचले इलाकों में जलभराव हो रहा है। उन्होंने कहा कि इस विषय पर चर्चा के लिए वे जल्द ही मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड संगमा से मुलाकात करेंगे।
स्कूलों और सरकारी दफ्तरों के लिए अलर्ट
राज्य सरकार ने सभी निजी शिक्षण संस्थानों से अपील की है कि वे मौसम को देखते हुए जरूरी कदम उठाएं। साथ ही शनिवार को अधिकतर सरकारी कर्मचारियों को विशेष अवकाश देने का फैसला लिया गया है।
मौसम विभाग ने जारी किया रेड अलर्ट
भारत मौसम विभाग (IMD) ने पूर्वोत्तर के कई राज्यों में रेड अलर्ट जारी किया है। अगले कुछ दिनों में और भी भारी बारिश की संभावना जताई गई है, जिससे हालात और बिगड़ सकते हैं।
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