कोरोना पर भारत का रिकवरी रेट दुनिया में सबसे बेहतर, UNESC में PM मोदी का संबोधन
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार रात 8:30 बजे डिजिटल माध्यम से संयुक्त राष्ट्र आर्थिक एवं सामाजिक परिषद में संबोधन के दौरान कोरोना वायरस पर चर्चा करते हुए कहा कि कोरोना पर भारत का रिकवरी रेट दुनिया में सबसे बेहतर है। हमने जनता को कोरोना के खिलाफ लड़ाई से जोड़ा।
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प्रधानमंत्री ने आगे कहा, चुनौतियों से हमें मिल-जुल कर लड़ना होगा। हम सभी प्राकृतिक आपदाओं से लड़े और भारत ने आपदाओं का मुकाबला तेजी और मजबूती से किया। हमने सार्क कोविड इमरजेंसी फंड बनाकर कोरोना से लड़ाई को हमने जन आंदोलन बना दिया। पीएम मोदी ने कहा कि कोरोना के खिलाफ संयुक्त लड़ाई में भारत ने 150 से अधिक देशों में चिकित्सा और अन्य तरीकों से सहायता पहुंचाई।

पीएम मोदी ने अपने संबोधन में आगे कहा कि दूसरे विश्वयुद्ध के बाद दुनिया बदल गई है। भारत हर क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है। हम अपनी महिलाओं को सशक्त बनाने की हरसंभव कोशिश कर रहे हैं। पिछले 6 साल में हमने डायरेक्ट बिनिफिशियल प्रोग्राम के लिए 40 करोड़ बैंक खाते खोले हैं।जरूरतमंद लोगों के खाते में सीधे पैसे पहुंचाए।

भारत ने सभी देशों के साथ भागीदारी और सहयोग के लिए हाथ बढ़ाया
उन्होंने आगे कहा कि भारत ने सभी देशों के साथ भागीदारी और सहयोग के लिए हाथ बढ़ाया है और कोरोना वायरस महामारी के खिलाफ लड़ाई को एक जन आंदोलन बना दिया गया। मालूम हो, यह प्रधानमंत्री मोदी की संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) की अस्थाई सदस्यता प्राप्त होने के बाद पहली स्पीच थी, जिसमें प्रधानमंत्री ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से अपनी बात रखी।

भारत 8वीं बार संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का अस्थायी सदस्य बना
भारत आठवीं बार संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का अस्थायी सदस्य चुन गया है।193 सदस्यीय महासभा में 184 वोट मिलने के बाद दो साल के लिए भारत को यूएनएससी का अस्थायी सदस्य चुना गया है। भारत को अस्थायी सदस्यता के लिए जून महीने में चुना गया। सदस्यीय संयुक्त राष्ट्र महासभा के अस्थायी सदस्यों के तौर पर भारत, मेक्सिको, आयरलैंड और नॉर्वे को चुना गया है। हालांकि मेक्सिको और भारत निर्विरोध चुने गए।

अंतरराष्ट्रीय संगठन संयुक्त राष्ट्र का गठन 24 अक्टूबर, 1945 में हुआ था
अंतरराष्ट्रीय संगठन संयुक्त राष्ट्र का गठन अंतर्राष्ट्रीय कानून को सुविधा जनक बनाने के सहयोग, अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा, आर्थिक विकास, सामाजिक प्रगति, मानव अधिकार और वैश्विक स्तर पर शांति कायम रखने के उद्देशय़ किया गया है। इसकी स्थापना 24 अक्टूबर, 1945 में हुई थी। इस दिन संयुक्त राष्ट्र अधिकार पत्र पर 50 देशों ने हस्ताक्षर किए थे। संयुक्त राष्ट्र की स्थापना द्वितीय विश्व युद्ध के बाद हुई थी।












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