किसान नेता बोले-हमें दुनियाभर से मिला समर्थन, आंदोलन में पार्टियां अपना झंडा छोड़कर आएं
नई दिल्ली। तीनों नए कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग के साथ दिल्ली की सीमाओं पर डटे किसानों के आंदोलन का आज 12वां दिन है। सोमवार की किसान नेताओं ने एक बार फिर से मीडिया को संबोधित किया। सिंघू सीमा पर किसान नेता निर्भय सिंह धुडिके ने कहा कि, हमारा विरोध केवल पंजाब तक सीमित नहीं है। कनाडा से ट्रूडो जैसे दुनिया भर के नेता भी हमें समर्थन दे रहे हैं। हमारा शांतिपूर्ण विरोध है।

वहीं किसान नेता डॉ. दर्शन पाल ने कहा कि, भारत बंद हमारा शांतिपूर्ण आह्वान है, सबसे अपील है कि इसे ज़ोर-ज़बरदस्ती से न करें। राजनीतिक दलों ने जो हमारा समर्थन किया है उसके लिए उनका धन्यवाद, उनसे अपील है कि जब किसान आंदोलन में शामिल होने के लिए आएं तो अपना झंडा घर छोड़कर आएं। हम अपने मंच पर किसी भी राजनीतिक नेताओं को आने की अनुमति नहीं देंगे।
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किसान नेता बलबीर सिंह राजेवाल ने कहा कि, सरकार को हमारी मांगे माननी होंगी, हम नए कृषि कानूनों को वापस लेने से कम नहीं चाहते हैं।इससे पहले पंजाब ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन की ओर जारी बयान में कहा गया कि, ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस ने किसानों के समर्थन में 8 दिसंबर को चक्का जाम करने का फैसला किया है। परिवहन संघ, ट्रक यूनियन, टेंपो यूनियन सभी ने बंद को सफल बनाने का फैसला किया है। यह बंद पूरे भारत में होगा।
इससे पहले भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि हम शांति से प्रदर्शन करते रहेंगे। हम आम आदमी को परेशान नहीं करना चाहते। मंगलवार को भारत बंद का समय 11 बजे से 3 बजे तक इसीलिए रखा है, क्योंकि 11 बजे तक ज्यादातर लोग ऑफिस पहुंच जाते हैं और 3 बजे छुट्टी होनी शुरू हो जाती है। किसानों के 8 दिसंबर के भारत बंद के समर्थन में कांग्रेस समेत 20 सियासी दल और 10 ट्रेड यूनियंस उतर आए हैं। विपक्षी पार्टियों के नेताओं ने 9 दिसंबर को राष्ट्रपति से मिलने के लिए समय मांगा है।












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