'मेरी बहन, बेटा, बहू, पोते-पोतियां सब बह गए', वायनाड हादसे में जिंदा बचे लोगों ने बताया उस रात का भयावह मंजर

Wayanad Landslide: केरल की सबसे भीषण प्राकृतिक आपदा वायनाड का मंजर देख हर कोई हैरान और परेशान है। वायनाड में भूस्खलन के बाद पांचवें दिन भी यह गहन तलाशी अभियान जारी है। हादसे में अब तक 300 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है और लगभग 250 लोग अभी भी लापता हैं, जिससे मरने वालों की संख्या बढ़ने की आशंका है।

अब वायनाड हादसे में जिंदा बचे लोगों ने उस रात की भयावह मंजर को साझा किया है। भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र के निवासी सतीश ने कहा, '' मैं डरा हुआ हूं। मैंने अपने कई दोस्तों को खो दिया है। मैं दुखी हूं। यह पहली बार है जब इतनी बड़ी त्रासदी हुई है।''

Wayanad Landslide

ये भी पढ़ें- देवदूत बना जंगल का अधिकारी, वायनाड भूस्‍खलन के 5 दिन बाद जान की बाजी लगाकर बचाए जंगल में फंसे चार बच्‍चे

भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र के एक निवासी ने बताया,

"मेरी मां की बड़ी बहन, उनका बेटा, बहू और 3 पोते-पोतियां, सभी अपने घर के साथ बह गए। मां की बड़ी बहन और उनके पोते-पोतियों के शव बरामद कर लिए गए हैं, लेकिन उनका बेटा और बहू अभी भी लापता हैं। तलाशी अभियान अभी भी जारी है।"

वायनाड के भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र के निवासी रविन्द्रन ने कहा,

"पंचायत अधिकारियों ने निवासियों को घर खाली करने की चेतावनी दी थी, लेकिन केवल आधे लोग ही बाहर निकले और बाकी लोग वहीं रह गए। अगर आधी आबादी बाहर नहीं निकलती, तो मरने वालों की संख्या और भी ज्यादा होती। मेरे कई दोस्त और रिश्तेदार लापता हैं। मेरी उस जगह पर जाने की हिम्मत नहीं हो रही है....क्योंकि मुझे बहुत बुरा लग रहा है।"

ये भी पढ़ें- वायनाड में दिखी सेना की जांबाजी, उफनती नदी पर 16 घंटे में बना डाला 190 फीट लंबा बेली ब्रिज, जानें इसकी खासियत

वायनाड लैंडस्लाइड के 5वें दिन भी जारी बचाव अभियान जारी

वायनाड लैंडस्लाइड के पांचवें दिन भी बचाव अभियान जारी है। हवाई ड्रोन और सेल फोन से जीपीएस का इस्तेमाल सेना लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन करने में कर रही है। ना द्वारा 190 फुट लंबे बेली ब्रिज के निर्माण के बाद बचाव अभियान में तेजी आई, जिससे भारी मशीनरी और एम्बुलेंस की आवाजाही में सुविधा हुई।

मुंदक्कई गांव में बचाव दल ने एक उन्नत रडार प्रणाली का उपयोग करके सांस लेने का संकेत पाया। हालांकि, शुक्रवार शाम को खोज बंद कर दी गई क्योंकि यह फैसला लिया गया था कि मलबे के नीचे मानव की उपस्थिति असंभव है। इसके बावजूद, केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने एक फेसबुक पोस्ट में आश्वासन दिया कि बचाव अभियान जारी है।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+