देवदूत बना जंगल का अधिकारी, वायनाड भूस्खलन के 5 दिन बाद जान की बाजी लगाकर बचाए जंगल में फंसे चार बच्चे
Wayanad landslide: केरल के वायनाड में आए विनाशकारी भूस्खलन ने हजारों घरों को तबाह कर दिया। धरती का स्वर्ग सा दिखने वाले वायनाड में हर तरफ मौत का मातम छाया हुआ है। अब तक 300 लोगों की जान जा चुकी है और अभी भी बड़ी संख्या में लोग लापता हैं।
भूस्खलन के बाद तबाह हुए वायनाड से आ रही दुखद खबरों के बीच एक सुखद चमत्कार से भरी खबर सामने आई है। भूसख्लन के पांच दिन बाद जंगल में फंसे चार बच्चों और उनके मां-बाप को वन अधिकारियों ने जिंदा बचा लिया है।

देवदूत बने जंगल के अधिकारी
कलपेट्टा रेंज वन अधिकारी, के हशीस के नेतृत्व में चार सदस्यीय टीम ने गुरुवार को एक आदिवासी परिवार को बचाने के लिए अपनी जान की परवाह किए बिना 8 घंटे तक जूझते रहे और कठिन रास्तों को पार करते हुए जंगल में फंसे आदिवासी बस्ती के 6 सदस्यों को जिंदा बचाया। जिसमें एक से चार साल की उम्र के चार बच्चे शामिल थे उन्हें देवदूत बन कर बचाया।

खतरानाक जंगल में सात घंटे पैदल चल तय किया सफर
कलपेट्टा रेंज वन अधिकारी के हशीस के प्रतिनिधित्व में उनकी टीम के चार सदस्य भारी बारिश में जंगल में सात घंटे लगातार पैदल चले और गुरुवार को जंगल में खतरनाक रास्तों को पार करते हुए आदिवासी परिवार के छह सदस्यों को बचाया।
गुफा में छिपा था पूरा परिवार
सोशल मीडिया पर जो फोटोज सामने आई हैं उनमें चारों बच्चे वन अधिकारियों के सीने से चिपके हुए हैं। अधिकारी ने बताया ये वायनाड के पनिया समुदाय से ताल्लुक रखने वाला आदिवासी परिवार है। जो भूस्खलन के बाद पहाड़ी की चोटी पर एक गुफा में बीते पांच दिन से फंसा हुआ था।
गहरी खाई को पार करके बच्चों के पास पहुंची टीम
जिस गुफा में मां- बाप और उनके चार मासूम बच्चों ने सेल्टर लिया था जिसके ऊपर एक गहरी खाई थी, वन अधिकारियों को वहां पहुंचने में चार घंटे से अधिक का समय लग गया था।
गुफा में फंसे बच्चों और परिवार का कैसे पता चला?
वन अधिकारी हशीम ने बताया उन्होंने जंगल में सर्च ऑपरेशन के दौरान मां और चार साल के बच्चे को भटकते हुए दूर से देखा, जिनसे पता चला कि उसका पति और तीन और बच्चे गुफा में फंसे हुए है।
भूख से तड़प रहे मासूम
वन रेंज अधिकारी ने बताया उनके पास भोजन नहीं था बच्चे थके और भूख से तड़प रहे थे, उन्हें रेसक्यू करते ही साथ में खाने पीने का सामना था वो खिलाया और उसके बाद बच्चों को अपने शरीर पर बांध कर वापस लौटे। उन्होंने बताया भारी बारिश में चट्टानों पर फिसलन थी और खड़ी चट्टानों वाला रास्ता था इसलिए वन अधिकारियों ने पेड़ों और चट्टानों पर रस्यिां बांधी और मुश्किल रास्ता तय करके जान बचाई।
सीएम पिनराई ने भी वन अधिकारियों के जज्बें को किया सेल्यूट
सोशल मीडिया पर केरल के मुख्यमंत्री सीएम पिनराई विजयन ने वन अधिकारी के साथ बच्चों की फोटो शेयर की है जिसमें उन्होंने वन अधिकारी और उनकी टीम की तारीफ करते हुए लिखा है वन अधिकारियों का ये जज्बा हमें याद दिलााता है घोर संकट में भी केरल की जीवटता चमकती रहती है। उन्होंने कहा हम एकजुट होकर पुर्ननिर्माण करेंगे और दोबारा मजबूत होकर उबरेंगे।












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