कॉकरोच जनता पार्टी को दिल्ली हाई कोर्ट में किस मामले में मिली बड़ी जीत? जज बोलीं-डर ही खत्म, तो पाबंदी कैसी?
Cockroach Janta Party X Account Unblocked: सोशल मीडिया की दुनिया में अपने तीखे तंज और अनोखे नाम से सनसनी मचाने वाली 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के लिए दिल्ली हाई कोर्ट से बहुत बड़ी राहत की खबर आई है। अदालत ने सीजेपी के एक्स (पहले ट्विटर) अकाउंट पर सरकार की तरफ से लगाए गए बैन को तुरंत हटाने का निर्देश दिया है।
जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा की बेंच ने इस मामले की सुनवाई करते हुए साफ किया कि जिस वजह से इस हैंडल को ब्लॉक किया गया था, वह वजह अब खत्म हो चुकी है। इस फैसले के बाद इस डिजिटल विंग के कर्ता-धर्ता अभिजीत दीपके और उनके लाखों समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गई है।

NEET परीक्षा के नाम पर सरकार ने लगाई थी रोक?
अदालत की कार्रवाई के दौरान इस बात का खुलासा हुआ कि आखिर केंद्र सरकार को इस सैटायर (व्यंग्य) अकाउंट पर पाबंदी क्यों लगानी पड़ी थी। सरकार की तरफ से पक्ष रखते हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को बताया कि नीट (NEET) की दोबारा होने वाली परीक्षा को ध्यान में रखकर यह कदम उठाया गया था।
सरकार को डर था कि इस अकाउंट से किए जाने वाले कुछ तीखे पोस्ट्स की वजह से परीक्षा देने वाले छात्रों और उनके माता-पिता के बीच घबराहट या भ्रम की स्थिति पैदा हो सकती है। हालांकि तुषार मेहता ने यह भी माना कि चूंकि अब परीक्षा का पूरा प्रोसेस शांतिपूर्वक निपट चुका है, इसलिए इस अकाउंट को बंद रखने का अब कोई मतलब नहीं रह जाता है।
जज ने कहा- जब डर ही खत्म, तो पाबंदी कैसी?
जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने सरकारी वकील की दलीलों को रिकॉर्ड पर लेते हुए अपना फैसला सुनाया। उन्होंने कहा कि जिस प्राथमिक चिंता या आशंका को आधार बनाकर इस सोशल मीडिया अकाउंट को ब्लॉक करने का आदेश जारी हुआ था, वह अब पूरी तरह अप्रासंगिक हो चुकी है।
नीट की री-एग्जामिनेशन की प्रक्रिया 21 जून को ही पूरी हो चुकी है, जो कि पेपर लीक विवाद के बाद दोबारा आयोजित की गई थी। अदालत ने स्थिति को समझते हुए तुरंत पुराना एक्स अकाउंट बहाल करने की बात कही, जिससे अब सीजेपी को अपने उस मुख्य प्लेटफॉर्म का एक्सेस वापस मिल जाएगा जहां उसके लाखों फॉलोअर्स जुड़े हुए हैं।
फैसले के बाद अभिजीत दीपके ने क्या कहा?
अदालत का फैसला आते ही 'कॉकरोच जनता पार्टी' के फाउंडर अभिजीत दीपके ने इसे सिर्फ अपने पेज की नहीं, बल्कि देश में अभिव्यक्ति की आजादी की जीत करार दिया।
अपनी बात रखते हुए अभिजीत दीपके ने कहा,
"यह दिल्ली हाई कोर्ट का एक ऐतिहासिक आदेश है, जिसने हमारे मूल अकाउंट को अनब्लॉक करने की इजाजत दी है। यह जीत केवल सीजेपी या हमारे आंदोलन की नहीं है, बल्कि यह इंटरनेट पर हर नागरिक के डिजिटल अधिकारों और अपनी बात रखने की आजादी की जीत है। हम आगे भी बिना डरे देश के युवाओं की आवाज को इंटरनेट से लेकर सड़क तक बुलंद करते रहेंगे।"
फिलहाल सीजेपी दिल्ली के जंतर-मंतर पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर लगातार प्रदर्शन कर रही है। जहां नीट धांधली के खिलाफ एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक का आमरण अनशन भी जारी है। ऐसे में कोर्ट का यह फैसला उनके डिजिटल कैंपेन को नई धार देने वाला साबित होगा।
एक मजाक से शुरू हुई पार्टी कैसे बन गई युवाओं की आवाज?
आम आदमी पार्टी के पहले काम कर चुके अभिजीत दीपके ने इस पेज की शुरुआत बेहद हल्के-फुल्के अंदाज में की थी। दरअसल 15 मई को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) संजीव खन्ना की एक टिप्पणी में 'कॉकरोच' शब्द का जिक्र आया था, जिसे लेकर सोशल मीडिया पर काफी चर्चा छिड़ गई थी। इसी माहौल के बीच दीपके ने मजाक-मजाक में 'कॉकरोच जनता पार्टी' नाम से सोशल मीडिया अकाउंट्स बना दिए।
इस पेज का व्यंग्य करने का अंदाज लोगों को इतना पसंद आया कि एक्स और इंस्टाग्राम जैसे मंचों पर इसके फॉलोअर्स की संख्या बीजेपी और कांग्रेस जैसी स्थापित राजनीतिक पार्टियों के आधिकारिक हैंडल्स से भी तेजी से आगे निकलने लगी।
जब देश में नीट पेपर लीक को लेकर बवाल मचा, तो सीजेपी ने छात्रों के समर्थन में ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों मोर्चों पर मोर्चा खोल दिया। इस बढ़ते प्रभाव को देखते हुए ही सरकार ने 21 मई को इसके मुख्य हैंडल को इंडिया में ब्लॉक करवा दिया था, जिसके जवाब में टीम ने 'कॉकरोच इज बैक' नाम से नया बैकअप हैंडल शुरू कर दिया था।














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