Waqf Amendment Bill: रविशंकर प्रसाद के बयान से क्या होगा मुतवल्लियों के 'सिर में दर्द'?
Waqf Amendment Bill: 2 अप्रैल 2025 को लोकसभा में अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने वक्फ संशोधन विधेयक पेश किया। रिजिजू ने बिल पेश करते हुए दावा किया कि वक्फ बिल से मुसलमानों के हालात में सुधार होगा, इसीलिए इस बिल को "उम्मीद" नाम दिया गया है।
बिल लोकसभा में पेश होते ही गर्मामर्ग बहस शुरू हो गई विपक्षी कांग्रेस और समाजवादी पार्टी ने इसके जरिए मुसलमानों पर अत्याचार करने और समाज बांटने का आरोप लगाया तो भाजपा सांसद रविशंकर प्रसाद ने वक्फ बिल पर भाषण देते हुए करारा जवाब दिया। इसके साथ ही रविशंकर ने मुतवल्लियों पर जमकर हमला बोला और बड़ा आरोप लगाते हुए उनके आस्तित्व पर ही सवाल खड़े कर दिए हैं।

पिछड़े मुसलमानों को वक्फ का मैनेजर बनने का मिलेगा मौका
भाजपा सांसद रविशंकर ने कहा "महिलाओं के लिए संशोधन किया जा रहा है तो ये बिल असंवैधानिक कैसे हैं? बिहार यूपी में बहुत सारे पिछड़े मुसलमान है उन्हें वक्फ के मैनेजमेंट का मौका नहीं मिलता है। इस बिल में इस बात का जिक्र है कि वक्फ में पिछड़े मुसलमानों को जगह दी जाएगी तो इन्हें परेशानी क्यों है?"
रविशंकर ने मुतवल्लियों पर क्या खेल खेलने का आरोप लगाया?
रविशंकर ने कहा "वक्फ की संपत्ति को लूटा जारहा है और सरकार इसे देखकर कैसे चुप रह सकती है। उन्होंने कहा भारत में 8.2 लाख वक्फ संपत्तियां हैं। हमें ये बताया जाए कि इन जमीनों पर कितने स्कूल , अनाथालय, स्किल सेंटर खुले हैं? अगर इनकी गिनती की जाए तो हकीकत सामने आ जाएगी।"
मुतवल्लियों के लिए क्या बोले जयशंकर?
रविशंकर ने कहा "वक्फ में परिवर्तन मौलिक अधिकारों की धारा 15 में तहत किया जा रहा है। उन्होंने कहा वक्फ का मतलब क्या है? वक्फ कोई धार्मिक संस्था नहीं है, सिर्फ वैधानिक संस्था है। मुतवल्ली को सिर्फ मैनेजर बोलते हैं। जयशंकर ने कहा मुस्लिम लॉ पर एक किताब है जिसके एक पैराग्राफ में लिखा है कि मुतवल्ली के पास वक्फ की प्रॉपर्टी का अधिकार नहीं है, उसका सिर्फ मैनेजर है। जिसके मुतवल्ली केवल ट्रस्ट के मालिक नहीं है।"
"वक्फ कोई धार्मिक संस्था नहीं है"
रविशंकर प्रसाद ने कहा वक्फ में परिवर्तन मौलिक अधिकारों के धारा 15 के तहत ही की जा रही है। वक्फ के मायने क्या हैं? वक्फ कोई धार्मिक संस्था नहीं है, यह सिर्फ वैधानिक संस्था है। मुतवल्ली को सिर्फ मैनेजर बोलते हैं। एक किताब है मुस्लिम लॉ पर। इसका एक पैराग्राफ है- मुतवल्ली के पास वक्फ की प्रॉपर्टी का अधिकार नहीं है, उसका सिर्फ मैनेजर हैं। वे ट्रस्ट के मालिक नहीं हैं।
कौन होते हैं मुतवल्ली?
मुतवल्ली, वक्फ़ या मस्जिद की संपत्ति का प्रबंध करने वाला व्यक्ति होता है. उसे संरक्षक, ट्रस्टी, अधिष्ठाता भी कहा जाता है।
मुतवल्ली के क्या अधिकार होते हैं?
मुतवल्ली, वक्फ़ संपत्ति का प्रबंधन और रखरखाव करता है! वह यह भी सुनिश्चित करता है कि वक्फ़ के इरादों के मुताबिक लाभार्थियों को सही तरीके से मिलें।
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