Waqf Act Amendment: 'भाजपा धार्मिक स्वतंत्रता को खत्म करना चाहती है', भड़के ओवैसी, देखें Video
Waqf Act Amendment news: केंद्र सरकार वक्फ कानून में संशोधन करना चाहती है, जानकारी के मुताबिक केंद्रीय कैबिनेट की ओर से पहले ही इन बदलावों को हरी झंडी मिल चुकी है।
उम्मीद की जा रही है कि इस विधेयक को सरकार 5 अगस्त यानी कि सोमवार को संसद में पेश करेगी, आपको बता दें कि इस विधेयक में किसी भी संपत्ति को 'वक्फ संपत्ति' के रूप में नामित करने वाले वक्फ बोर्ड के अधिकार को प्रतिबंधित करना है।

जिसको लेकर अब एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उनका कहना है कि 'मोदी सरकार जानबूझकर ऐसे काम करती है। सबसे पहले, जब संसद सत्र चल रहा होता है, तो केंद्र सरकार विशेषाधिकारों के खिलाफ काम कर रही होती है और नेताओं के बजाय मीडिया वालों को इसकी जानकारी देती है जो कि सरासर गलत है।'
'मोदी सरकार की पूरी मंशा वक्फ बोर्ड की स्वायत्तता को खत्म करना है'
'मीडिया रिपोर्ट के माध्यंम से मुझे इसके बारे में सूचना मिली है, इससे पता चलता है कि मोदी सरकार की पूरी मंशा वक्फ बोर्ड की स्वायत्तता को खत्म करना है, जो कि धार्मिक स्वतंत्रता के खिलाफ है। भाजपा शुरु से ही वक्फ संपत्तियों के खिलाफ रही है और वो जानबूझकर धर्म विशेष के खिलाफ करती है, सच तो ये है कि ये उनका हिंदुत्व एजेंडा है और वो जानबूझखर मुस्लिमों के खिलाफ काम करने े में लगी रहती है।'
'सर्वे भाजपा, मुख्यमंत्री द्वारा कराया जाएगा...'
'अगर कोई विवादित संपत्ति है, तो ये लोग कहेंगे कि संपत्ति विवादित है, हम इसे हासिल कर लेंगे सर्वे किया गया। सर्वे भाजपा, मुख्यमंत्री द्वारा कराया जाएगा और आपको पता है कि इसका परिणाम क्या होगा। हमारे भारत में कई ऐसी दरगाहें हैं, जहां भाजपा-आरएसएस दावा करता है कि वे दरगाह और मस्जिद नहीं हैं, इसलिए कार्यपालिका न्यायपालिका की शक्ति छीनने की कोशिश कर रही है।'
सरकार को संशोधन करने से पहले हितधारकों से सलाह लेनी चाहिए थी
तो वहीं दूसरी ओर ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (एआईएमपीएलबी) के सदस्य मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने भी इस मामले में सरकार को घेरा है।
'हमें नहीं लगता कि इसमें किसी भी तरह के परिवर्तन की जरूरत है'
उन्होंने कहा कि 'वक्फ की करीब 60% से 70% संपत्तियां मस्जिदों, दरगाहों के रूप में हैं, एक बार जो संपत्ति वफ्फ हो गई है उसे फिर उसे बेचा नहीं किया जा सकता। जहां दरगाह बन चुकी है फिर उसे कैसे हटाया जा सकता है।
वक्फ अधिनियम 1995 और फिर 2013 में हो चुका है संशोधन
पहले भी वक्फ अधिनियम 1995 और फिर 2013 में कुछ संशोधन किए गए थे और हमें नहीं लगता कि इसमें किसी भी तरह के परिवर्तन की जरूरत है और अगर सरकार को इसमें कुछ परिवर्तन कराने थे तो उन्हें संशोधन करने से पहले हितधारकों से सलाह लेनी चाहिए थी, ऐसे कैसे विधेयक लाया जा सकता है।'












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