Vizhinjam Port Inauguration: भारत का नया ट्रांसशिपमेंट हब तैयार, PM मोदी करेंगे विझिंजम पोर्ट का उद्घाटन
Vizhinjam Port Inauguration: 2 मई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम में विझिंजम अंतरराष्ट्रीय डीपवाटर मल्टीपर्पज सीपोर्ट का राष्ट्र को समर्पण करेंगे। यह समारोह 2 अप्रैल को सुबह 11 बजे आयोजित होगा। इस पोर्ट को न केवल केरल बल्कि भारत के समुद्री व्यापार के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।
8,900 करोड़ रुपए की लागत से बना यह पोर्ट केरल और देश के समुद्री इतिहास में एक नया अध्याय लिखेगा।विझिंजम पोर्ट परियोजना केरल सरकार द्वारा शुरू की गई एक अत्यंत महत्वाकांक्षी योजना है, जिसे 'लैंडलॉर्ड मॉडल' के तहत विकसित किया जा रहा है।

यह परियोजना पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल पर आधारित है और "डिजाइन, बिल्ड, फाइनेंस, ऑपरेट और ट्रांसफर" (DBFOT) पद्धति के अंतर्गत कार्यान्वित हो रही है। निजी साझेदार के रूप में अदानी विझिंजम पोर्ट प्राइवेट लिमिटेड ने 5 दिसंबर 2015 को निर्माण कार्य शुरू किया था।
Vizhinjam Port: समारोह में दिग्गज होंगे शामिल
इस ऐतिहासिक अवसर पर राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर, मुख्यमंत्री पिनराई विजयन, केंद्रीय शिपिंग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल, केंद्रीय राज्य मंत्री जॉर्ज कुरियन और सुरेश गोपी, राज्य के मंत्रीगण, विपक्ष के नेता और कई अन्य गणमान्य अतिथि शामिल होंगे।
राज्य के बंदरगाह मंत्री वी.एन. वसवन ने इस अवसर को मुख्यमंत्री पिनराई विजयन के दूसरे कार्यकाल के लिए एक "स्वर्णिम क्षण" बताया। उन्होंने कहा कि यह बंदरगाह राज्य को वैश्विक समुद्री व्यापार के मानचित्र पर प्रमुख स्थान दिलाएगा।
Vizhinjam Port Inauguration: VGF को लेकर केंद्र और राज्य में मतभेद
हालांकि परियोजना के पहले चरण के निर्माण से जुड़े सभी औपचारिक कार्य पूरे हो चुके हैं और वायबिलिटी गैप फंडिंग (VGF) समझौते पर भी केंद्र के साथ हस्ताक्षर हो चुके हैं, लेकिन इसे लेकर विवाद भी सामने आया है।
बंदरगाह मंत्री वसवन ने केंद्र सरकार की उस शर्त पर नाराजगी जताई जिसमें VGF की राशि को लोन के रूप में राज्य सरकार को लौटाने की बात कही गई है। मंत्री के अनुसार, इस मॉडल के तहत केरल सरकार को लगभग ₹10,000 से ₹12,000 करोड़ की वापसी करनी होगी, जो राज्य के खजाने पर भारी पड़ेगा। इसके विपरीत, थूत्तुकुडी पोर्ट की आउटहरबर परियोजना के लिए दिए गए ₹1,411 करोड़ के VGF पर ऐसी कोई शर्त नहीं थी।
Vizhinjam Port Inauguration:केंद्र को मिलेगा बड़ा राजस्व लाभ
मंत्री वसवन ने यह भी बताया कि जब विझिंजम पोर्ट पूरी तरह चालू हो जाएगा, तो इससे प्रति वर्ष लगभग ₹10,000 करोड़ का कस्टम ड्यूटी के रूप में राजस्व प्राप्त होगा। इस राशि का 60% केंद्र सरकार को मिलेगा, जबकि राज्य को मात्र 1 से 3 पैसे प्रति रुपए के हिसाब से हिस्सा मिलेगा। इसका अर्थ यह है कि केंद्र को वार्षिक ₹6,000 करोड़ का अतिरिक्त लाभ होगा।
विझिंजम पोर्ट की भौगोलिक स्थिति को समझें तो इसकी गहराई इसे एक महत्वपूर्ण ट्रांसशिपमेंट हब बनने में मदद करती है जो व्यापार के लिए बड़े जहाजों के इस्तेमाल में महत्तवपूर्ण होगा। इससे भारत को विदेशी पोर्ट्स जैसे कोलंबो और सिंगापुर पर निर्भरता कम करनी पड़ेगी और देश की लॉजिस्टिक लागत में भी भारी कटौती होगी।












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