भारत बंद: संघ ने कहा, हिंसा का रास्ता गलत, RSS को बदनाम किया जा रहा है
सोमवार को कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने बीजेपी और संघ पर दलितों की उपेक्षा करने का आरोप लगाया था।
नई दिल्ली। एससी/एसटी एक्ट में बदलाव के खिलाफ दलित संगठन सड़क पर हैं। सोमवार को भारत बंद के आह्वान के दौरान देश के अलग-अलग हिस्सों में विरोध-प्रदर्शन ने हिंसक रूप ले लिया और कई लोगों की जाने चली गईं। इसी बीच आरएसएस ने हो रही हिंसा को दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया है। आरएसएस के सह सरकार्यवाह भैयाजी जोशी ने कहा है कि एससी- एसटी एट्रोसिटीज एक्ट के उपयोग पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा गए निर्णय पर हो रही हिंसा दुर्भाग्यपूर्ण है। कोर्ट के निर्णय की आड़ में जिस प्रकार से संघ के बारे में विषैला दुष्प्रचार करने का प्रयास किया जा रहा है, वह आधारहीन व निंदनीय है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का न्यायालय के इस निर्णय से कोई संबंध नहीं।

भारत बंद के दौरान हुई हिंसा पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने दुख जताया है
एससी-एसटी ऐक्ट को लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ दलित संगठनों के सोमवार को बुलाए भारत बंद के दौरान हुई हिंसा पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने दुख जताया है। सह सरकार्यवाह भैयाजी जोशी ने कहा कि जाति के आधार पर किसी भी भेदभाव अथवा अत्याचार का संघ सदा से विरोध करता है। इस प्रकार के अत्याचारों को रोकने के लिए बनाये गये क़ानूनों का कठोरता से परिपालन होना चाहिए। शीर्ष कोर्ट द्वारा दिये हुए इस निर्णय से असहमति प्रकट करते हुए केंद्र सरकार ने जो पुनर्विचार याचिका दायर करने का निर्णय किया है, वह उचित है।

राहुल गांधी ने बीजेपी और संघ पर दलितों की उपेक्षा करने का आरोप लगाया था
सोमवार को कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने बीजेपी और संघ पर दलितों की उपेक्षा करने का आरोप लगाया था। राहुल ने ट्वीट में लिखा, 'दलितों को भारतीय समाज के सबसे निचले पायदान पर रखना आरएसएस-बीजेपी के डीएनए में है, जो इस सोच को चुनौती देता है उसे वे हिंसा से दबाते हैं। हजारों दलित भाई-बहन आज सड़कों पर उतरकर मोदी सरकार से अपने अधिकारों की रक्षा की मांग कर रहे हैं।'

भैयाजी जोशी ने शांति की अपील की
भैयाजी जोशी ने शांति की अपील करते हुए कहा, 'संघ समाज के सभी प्रबुद्ध लोगों से अनुरोध करता है कि समाज में परस्पर सौहार्द्र बनाए रखने में अपना योगदान दें और समाज भी किसी प्रकार के बहकावे में न आते हुए परस्पर प्रेम एवं विश्वास बनाए रखते हुए किसी भी प्रकार के दुष्प्रचार का शिकार ना हों।'












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