वीडियोकॉन लोन मामला: आंतरिक जांच में चंदा कोचर दोषी, इस्तीफे को निष्कासन माना गया

नई दिल्ली। आईसीआईसीआई-वीडियोकॉन लोन मामले के संबंध में प्रबंधन की ओर से की गई आंतरिक जांच में बैंक ने अपने पूर्व सीईओ और प्रबंध निदेशक चंदा कोचर को आचार संहिता के उल्लंघन के लिए दोषी ठहराया है। प्रबंधन ने कहा कि उन्हें इन आरोपों के चलते नौकरी से निकाला गया हुआ माना गया है। बता दें कि एक एक्टिविस्ट-शेयरहोल्डर ने आरोप लगाया था कि आईसीआईसीआई बैंक ने वेणुगोपाल धूत के वीडियोकॉन ग्रुप को 3,250 करोड़ रुपये का कर्ज दिया था। कथित तौर पर धूत ने चंदा कोचर के पति दीपक कोचर द्वारा संचालित एक कंपनी में 64 करोड़ रुपये का निवेश किया।

Videocon loan case: Chanda Kochhar Sacked By ICICI Bank after an independent enquiry

आरोपों के बाद, चंदा कोचर लंबी छुट्टी पर चली गईं क्योंकि ICICI बैंक ने इस मामले को लेकर आंतरिक जांच शुरू कर दी। बाद में, उन्होंने ICICI बैंक के मुख्य परिचालन अधिकारी और प्रबंध निदेशक के पद से इस्तीफा दे दिया। लेकिन अब आईसीआईसीआई बैंक की आंतरिक जांच ने चंदा कोचर को अप्रभावी रूप से हितों के टकराव से निपटने के लिए दोषी ठहराया है।

जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि चंदा कोचर आईसीआईसीआई बैंक आचार संहिता का उल्लंघन कर रही थीं, जो कि हितों के टकराव और विवादास्पद कर्तव्यों से निपटने के लिए इसकी रूपरेखा और भारतीय कानूनों, नियमों और विनियमों के संदर्भ में है। बता दें कि कोचर ने 1984 में ICICI बैंक में एक प्रबंधन ट्रेनी के रूप में शामिल हुईं थीं। इसके बाद धीरे वह शीर्ष पर पहुंच गईं और 2009 में प्रबंध निदेशक और सीईओ नियुक्त किया गया है।

यह भी पढ़ें- इस वजह से सीबीआई की पहली महिला निदेशक की रेस से बाहर हो सकती हैं रीना मित्रा

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+