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Video: अपने पिता का शव बाइक पर ले जाने को मजबूर हुआ बेटा

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नई दिल्ली। देश को आजाद हुए आज 70 वर्ष से अधिक का समय हो गया है, लेकिन आज भी कई ऐसे लोग हैं जो मूलभूत सुविधाओं से दूर हैं। ओडिशा के नबरांगपुर जिले में एक युवक को लाचारी में अपने पिता का शव मोटरसाइकिल पर लेकर जाना पड़ा क्योंकि उसे अपने पिता का शव ले जाने के लिए गाड़ी नहीं मिली। यह घटना नबरागंकपुर जिले के कुदुमधा गांव की है जहां लोकी संता को अपने पिता का शव 20 किलोमीटर बाइक पर लेकर गांव जाना पड़ा, क्योंकि उन्हें शव गाड़ी देने से इनकार कर दिया गया था।

dead body

जानकारी के अनुसार लोकी के पिता बाली संता बीमार थे और अपने रिश्तेदार के घर झरीगांव ब्लॉक के बंसीबंधा गांव गए थे, वह यहां पर पारंपरिक इलाज करने के लिए पहुंचे थे। लेकिन जब उनकी हालत ज्यादा खराब हो गई तो उन्हें अस्पताल ले जाने के लिए एंबुलेंस को बुलाया गया। लेकिन जब एंबुलेंस उनके घर पर पहुंची तो बाली का देहांत हो चुका था। बाली के बेटे लोकी को जब इस बारे में जानकारी मिली तो वह शाम को बंसीबंधा पहुंचे ताकि शव को वापस गांव ला सके और पिता का अंतिम संस्कार किया जा सके।

लोकी जब गांव पहुंचे तो उन्हें शव गाड़ी देने से इनकार कर दिया गया, जिसके बाद वह मजबूर होकर मोटरसाइकिल पर ही अपने पिता का शव लेकर गांव पहुंचे। रास्ते में जब मीडियाकर्मी ने उन्हे देखा तो उन्हें सुझाव दिया कि वह अपने पिता का शव अस्पताल पोस्टमार्टम के लिए लेकर जाएं। जानकारी के अनुसार बाली के शव को उनके परिवार के सदस्यों को पोस्टमार्टम के बाद सौंप दिया गया है।

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English summary
Video: Man was forced to take his father dead body on motorcycle in Odisha.
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