मोदी करते हैं सभी धर्मों की बात लेकिन सिर्फ हिंदूओं की सरकार बनाना चाहते हैं यह!
नई दिल्ली। कभी राम मंदिर तो कभी हिंदू धर्म को लेकर कट्टरता को लेकर शिगूफा फूंकने वाले संगठन के नेता ने इस बार एक धार्मिक कट्टरता की मिसाल पेश कर दी है। विश्व हिंदू परिषद के नेता अशोक सिंघल ने एक ऐसा बयान दिया जिस पर लम्बी बहस और विवाद छिड़ना तय माना जा रहा है। नेता अशोक सिंघल ने कहा है कि आने वाले 800 सालों बाद हिंदुओं की सरकार होगी।

फिर चाहे भले ही यह आठ सौ साल कभी आए या नहीं लेकिन सवाल यह उठ रहा है कि आखिर धार्मिक कट्टरता के बल पर धर्म को ऱाजनीति में घसीटने के लिए बयान देकर सिंघल को क्या मिलने वाला है। आपको बता दें कि वर्ल्ड हिंदू फाउंडेशन तीन दिवसीय विश्व हिंदू कांग्रेस 2014 का आयोजन कर रहा ह। जिस कार्यक्रम में यह विवादित बयान अशोक सिंघल ने दिया है।
हिंदू मतलब अनेकता?
सिंघल के विवादित बयान से इतर आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने अपने संबोधन में कहा है कि हिंदू का अस्तित्व सबसे पुराना है। हमे हिंदूत्व से नाया रस्ता मिलेगा। उन्होंने कहा कि दुनिया को सिखाने का सही वक्त है क्योंकि दो हजार साल से सही रास्ता ही नहीं मिला था। उन्होंने कहा कि दुनिया को सिखाने का दायित्व हिंदुओं का है। दुनिया में ज्ञान देने के लिए हिंदूओं को भेजा गया है।












Click it and Unblock the Notifications