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अब 5 दिसंबर को आएगा 2G Scam पर अदालत का फैसला, जानें क्या है पूरा मामला

नई दिल्ली। विशेष अदालत 2 जी स्पेक्ट्रम घोटाले में तीन मामलों का फैसला अब 7 नवंबर को नहीं 5 दिसंबर को सुनाएगी। बता दें कि 2 जी स्पेक्ट्रम घोटाला स्वतंत्र भारत में सरकारी और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को हिला देने वाले सबसे बड़े घोटालों में से एक है। पूर्व दूरसंचार मंत्री ए राजा और डीएमके के कमानी कनिमोझी सहित कई हाई प्रोफाइल उद्योगपतियों के साथ आरोपियों शामिल हैं। मामले का फैसला विशेष न्यायाधीश ओ.पी. सैनी सुनाएंगे, जो कि 2 जी स्पेक्ट्रम घोटाले के मालमों को देख रहे हैं। अदालत तीन मामलों की सुनवाई कर रही है। इसमें दो मामले केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो ( CBI) द्वारा दर्ज किए गए हैं और 1 प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा। बीते महीने ही इस बात की घोषणा की गई थी कि फैसले का ऐलान 7 नवबंर को होगा। लेकिन फैसला अब 5 दिसंबर को सुनाया जाएगा। CBI द्वारा दायर किए गए पहले मामले में, ए राजा और कनिमोझी के साथ-साथ पूर्व दूरसंचार सचिव सिद्धार्थ बेहुरा और राजा के पूर्व निजी सचिव शामिल हैं। इस मामले में स्वान टेलीकॉम प्रमोटरों के प्रमोटर्स, यूनिटेक के प्रबंध निदेशक, रिलायंस अनिल धीरूभाई अंबानी समूह के तीन शीर्ष अधिकारियों और कलैगनार टीवी के निदेशकों पर भी आरोप हैं।

ये तीन दूरसंचार कंपनियां हैं आरोपी

ये तीन दूरसंचार कंपनियां हैं आरोपी

तीन दूरसंचार कंपनियों - स्वान टेलीकॉम प्राइवेट लिमिटेड, रिलायंस टेलीकॉम लिमिटेड और यूनिटेक वायरलेस (तमिलनाडु) लिमिटेड - भी इस मामले में मुकदमे का सामना कर रहे हैं। अदालत ने अक्टूबर 2011 में उनके खिलाफ मामला दर्ज किया था। जा और अन्य लोगों के खिलाफ अप्रैल 2011 में दायर आरोप पत्र में सीबीआई ने आरोप लगाया था कि इसमें 30,984 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ था। 2 जी स्पेक्ट्रम के लिए 122 लाइसेंस आवंटनों को 2 फरवरी, 2012 को सर्वोच्च न्यायालय ने रद्द कर दिया था।

हो सकती है आजीवन सजा

हो सकती है आजीवन सजा

अदालत ने 154 सीबीआई गवाहों के बयान दर्ज किए हैं जिसमें अनिल अंबानी, उनकी पत्नी टीना अंबानी और पूर्व कॉर्पोरेट लॉबिस्ट नीरा राडिया भी शामिल है। अपराधियों को छह महीने से जेल से लेकर जीवन कारावास तक की सजा दी जाती है।

इन लोगों के नाम भी हैं शामिल

इन लोगों के नाम भी हैं शामिल

CBI के दूसरे मामले में एस्सार समूह प्रवर्तकों रवि रुइया और अंशुमन रुइया, लूप टेलीकॉम प्रमोटर किरण खेतान, उनके पति आई पी खेतान और एस्सार समूह के निदेशक (रणनीति और योजना) विकास सराफ का नाम दर्ज है। तीन फर्मों, लूप टेलीकॉम लिमिटेड, लूप मोबाइल इंडिया लिमिटेड और एस्सार टेली होल्डिंग लिमिटेड को आरोप पत्र में नामित किया गया है।

ED ने दर्ज किया है ये मामला

ED ने दर्ज किया है ये मामला

घोटाले से संबंधित मनी लॉन्ड्रिंग मामले के संबंध में ED ने अप्रैल 2014 में 19 लोगों के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया था जिसमें राजा, एमएस कनिमोझी, शाहिद बलवा, विनोद गोयनका, असिफ बलवा, राजीव अग्रवाल, करीम मोरानी और शरद कुमार शामिल थे।

ED ने मनी लॉन्ड्रिंग का दोषी ठहराया

ED ने मनी लॉन्ड्रिंग का दोषी ठहराया

चार्जशीट में ED ने डीएमके के प्रमुख एम करुणानिधि की पत्नी दयालु अम्मल को मामले में आरोपी के तौर पर नामित किया था, जिसमें उसने आरोप लगाया था कि 200 करोड़ रुपए एसटीपीएल प्रमोटरों द्वारा डीएमके द्वारा संचालित कलैगनार टीवी के लिए दिया गया था। मामले की अंतिम रिपोर्ट में आरोपी के रूप में 10 व्यक्तियों और नौ कंपनियों के नाम शामिल है। ईडी ने उन्हें मनी लॉन्ड्रिंग के लिए दोषी ठहराया है।

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