उत्तर प्रदेश के पूर्व डीजीपी जावीद अहमद ने सीबीआई डायरेक्टर ना बनाए जाने पर कहा, 'मुसलमान' होना गुनाह
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के पूर्व डीजीपी जावीद अहमद ने कथित तौर पर मुसलमान होने की वजह से खुद को सीबीआई का डायरेक्टर ना बनाए जाने की बात कही है। अहमद ने आरके शुक्ला को सीबीआई निदेशक चुने जाने को लेकर एक वॉट्सएप ग्रुप में ये टिप्पणी की। अहमद इस समय केंद्र में डीजी एनआइसीएफएस (नेशनल इंस्टीट्यूट आफ क्रिमेनोलॉजी एंड फोरेंसिक साइंस) के पद पर तैनात हैं।

'एम' होना गुनाह है
हाल ही में आरके शुक्ला को सीबीआई का निदेशक चुना गया है। इस पद के लिए जावीद अहमद का नाम भी था। पद के लिए शुक्ला का चुनाव होने के बाद इसको लेकर आइपीएस आफिसर वाट्सएप ग्रुप में उन्होंने एक टिप्पणी करते हुए कहा, अल्लाह की मर्जी। बुरा तो लगता है पर एम होना गुनाह है। यहां एम से उनका मतलब साफतौर पर मुसलमान से ही देखा जा रहा है। हालांकि बाद में कमेंट को डिलीट कर दिया, लेकिन पहले की ग्रुप में शामिल किसी शख्स ने स्क्रीनशॉट लेकर इसे सोशल मीडिया में वायरल कर दिया।

जावीद ने नहीं दी कोई प्रतिक्रिया
अपने इस कमेंट को लेकर अभी तक जावीद अहमद की ओर से कोई से प्रतिक्रिया नहीं आई है। वहीं कई सीनियर अफसरों ने अहमद के इस कमेंट पर हैरानी जताई है। सोशल मीडिया पर भी अहमद के कमेंट को लेकर काफी कुछ लिखा जा रहा है। कुछ यूजर एक मुसलमान अधिकारी के खुद को धर्म की वजह से कमतर सोचने को गंभीर कह रहे हैं को कई यूजर्स का कहना है कि वो अहम पदों पर रहे हैं और उनका ऐसा कमेंट करना ठीक नहीं है।

1984 बैच के अधिकारी हैं अहमद
जावीद अहमद 1984 बैच के आइपीएस अधिकारी हैं। वो उत्तर प्रदेश के डीजीपी रह चुके हैं। जावीद अहमद को 2016 में समाजवादी पार्टी की सरकार ने यूपी का डीजीपी बनाया गया था। भाजपा की सरकार ने अप्रैल, 2017 में उनका तबादला डीजी पीएसी के पद पर कर दिया था।












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