अमेरिका-ब्रिटेन ने 2,000 से ज्यादा भारतीयों को लौटाया, संसद में सरकार ने दी जानकारी, सबसे ज्यादा किस राज्य से?
Indians Deportation from the USA in 2025: अंतरराष्ट्रीय प्रवासन के जटिल परिदृश्य में, भारतीय नागरिकों की बड़ी संख्या में विदेशों की ओर रुख करना कोई नई बात नहीं है। बेहतर रोजगार, शिक्षा और जीवन स्तर की तलाश में लाखों भारतीय हर साल विदेश जाते हैं, लेकिन कुछ मामलों में यह यात्रा कानूनी जटिलताओं और अप्रवासन नीतियों के उल्लंघन के कारण संकट में बदल जाती है। हाल के वर्षों में अमेरिका जैसे देशों से भारतीयों को डिपोर्ट (निर्वासित) किए जाने की घटनाएं तेजी से बढ़ी हैं, जो भारत और अमेरिका के बीच आव्रजन संबंधी सहयोग, कानून प्रवर्तन और कूटनीतिक संवाद की अहमियत को रेखांकित करती हैं।
2025 के पहले सात महीनों में अमेरिका ने 1,703 भारतीय नागरिकों को डिपोर्ट किया है, जिनमें से 141 महिलाएं शामिल हैं। यह जानकारी शुक्रवार को विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने लोकसभा में साझा की।

सबसे अधिक इन राज्य के थे लोग
2025 में 22 जुलाई तक अमेरिका ने कुल 1,703 भारतीय नागरिकों को देश से डिपोर्ट किया है। विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने बताया कि इनमें 1,562 पुरुष और 141 महिलाएं थीं। अमेरिका से डिपोर्ट किए गए लोगों में सबसे अधिक 620 लोग पंजाब से, 604 हरियाणा, 245 गुजरात और 10 जम्मू-कश्मीर से हैं।
डिपोर्टेशन की प्रक्रिया भी बहुस्तरीय रही। फरवरी में 333 लोगों को अमेरिकी सैन्य विमानों, मार्च में 231 को ICE के चार्टर्ड विमानों, और जुलाई में 300 लोगों को DHS के चार्टर्ड विमानों से भारत भेजा गया। इसके अलावा, 767 भारतीयों को व्यावसायिक उड़ानों से और पनामा से 72 लोगों को अन्य फ्लाइट्स के ज़रिए वापस लाया गया।
ब्रिटेन से इतने भारतीयों को किया गया डिपोर्ट
भारत सरकार द्वारा संसद में साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, ब्रिटेन से 2020 से 2024 के बीच कुल 311 भारतीय नागरिकों को डिपोर्ट किया गया, जबकि साल 2025 में अब तक (22 जुलाई तक) यह संख्या 131 तक पहुंच गई है। यानी इस वर्ष के सिर्फ सात महीनों में ब्रिटेन से निर्वासित किए गए भारतीयों की संख्या पिछले पांच वर्षों के औसत वार्षिक आंकड़े से काफी अधिक है। यह ट्रेंड दोनों देशों के बीच अप्रवासन, वीज़ा नीति और अवैध निवास से जुड़े मामलों में सख्ती का संकेत देता है।
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DMK सांसद कनिमोझी ने पूछा था सवाल
मानवाधिकार और कूटनीतिक प्रयासों पर भी सरकार ने जवाब दिया। DMK सांसद कनिमोझी द्वारा पूछे गए सवाल पर मंत्री ने कहा कि भारत ने अमेरिका के समक्ष महिलाओं व बच्चों को हथकड़ी पहनाने, धार्मिक भावनाओं जैसे पगड़ी पहनने, और खानपान संबंधी प्राथमिकताओं को लेकर गंभीर चिंता जताई है। मंत्री ने बताया कि 5 फरवरी 2025 के बाद से किसी भी फ्लाइट में दुर्व्यवहार की कोई औपचारिक शिकायत नहीं मिली है, जो भारत और अमेरिका के बीच बेहतर समन्वय का संकेत है।












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