ओबामा ने दिया मोदी को धोखा, पीओके में बन रहे बांध के लिए दी मदद
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब सितंबर में अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा से मिले थे उसके बाद जो भ्रम भारत और अमेरिका के रिश्तों को पाल लिया गया था, वह अब टूटता नजर आ रहा है।

अमेरिका, पाक अधिकृत कश्मीर यानी पीओके में बनने वाले एक बांध के लिए पाक को आर्थिक मदद कर रहा है। अंग्रेजी डेली टाइम्स ऑफ इंडिया ने यह जानकारी दी है।
पीओके के गिलगित में स्थित बांध
अमेरिका की ओर से पीओके के गिलगित-बाल्टीस्तान में बन रहे डायमिर-भाषा हायडल-पावर प्रोजेक्ट को फंड करने के लिए दरवाजे खोल दिए गए हैं।
यह वही बांध है जिसके लिए चीन की ओर से भी पाक को मदद की जा रही है। सूत्रों की मानें तो भारत की ओर से चीन और पाक के समक्ष इस बात को लेकर पूर्व में खूब विरोध दर्ज कराया जा चुका है।
सबसे अहम बात है कि अमेरिका की पाक पर दरियादिली की यह खबर पाक की ओर से सीमा पर लगातार हो रहे सीजफायर के बीच आई है।
भारत ने अमेरिका से दर्ज कराया विरोध
पिछले माह जब ओबामा ने गर्मजोशी के साथ व्हाइट हाउस में मोदी का स्वागत किया तो लगने लगा था भारत और अमेरिका के बीच रिश्ते वह नए आयामों को
छुएंगे। भारत जिसे अभी तक पीओके में चीन की ओर से जारी गतिविधियों को लेकर काफी निराशा थी।
उसकी ओर से लगातार इस बात के खिलाफ विरोध दर्ज कराया जाता रहा है। अब जिस तरह से अमेरिका पीओके में इस बांध को बनाने में मदद कर रहा है उससे भारत की चिंताएं बढ़नी स्वाभाविक हैं।
चीन की ओर से करीब 15 बिलियन डॉलर
माना जाता है कि चीन की ओर से पीओके के इस बांध को करीब 12 से 15 बिलियन डॉलर की आर्थिक मदद मुहैया कराई जा रही है। सूत्रों की मानें तो वर्ष
1947 में भारत का बांध निर्माण वाली जगह पर काफी वर्चस्व था और यह हिस्सा भारत का एक अभिन्न अंग था।
भारत को डर है कि पीओके में इस बांध का निर्माण कार्य पूरा हो जाता है तो फिर पीओके से जुड़ने वाले जम्मू-कश्मीर के एक बड़ा हिस्सा पाक के कब्जे में जा सकता है।
जिस जगह पर यह बांध बन रहा है वह जगह गिलगित से करीब 165 किमी की दूरी पर है।












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