US Elections 2024:'चुनाव के बाद भारत-अमेरिका संबंध और मजबूत होंगे', जयशंकर का दावा
US Elections 2024: अमेरिकी चुनाव के परिणाम जो भी हों, भारत और अमेरिका के बीच संबंध मजबूत बने रहेंगे। भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने हाल ही में एक प्रेस ब्रीफिंग में भारत-अमेरिका संबंधों और क्वाड (Quadrilateral Security Dialogue) गठबंधन के भविष्य को लेकर सकारात्मक दृष्टिकोण व्यक्त किया। ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री पेनी वोंग के साथ इस संयुक्त ब्रीफिंग में, जयशंकर ने भरोसा जताया है।
जयशंकर ने कहा कि पिछले पांच अमेरिकी राष्ट्रपतियों के कार्यकाल में दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंध लगातार बेहतर हुए हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भारत-अमेरिका संबंध केवल एक राष्ट्रपति के कार्यकाल तक सीमित नहीं रहते, बल्कि यह संबंध हर नए प्रशासन के साथ आगे बढ़ते हैं। जयशंकर के अनुसार, अमेरिकी चुनाव में डेमोक्रेटिक उम्मीदवार कमला हैरिस और रिपब्लिकन उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप के बीच चल रहे मुकाबले का इस रिश्ते पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ेगा।

क्वाड का भविष्य और रणनीतिक महत्व
जयशंकर ने क्वाड (QUAD) गठबंधन के महत्व पर भी चर्चा की, जो अमेरिका, भारत, ऑस्ट्रेलिया और जापान का एक रणनीतिक समूह है। क्वाड का उद्देश्य हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति, स्थिरता और स्वतंत्रता को बढ़ावा देना है। जयशंकर ने बताया कि 2017 में ट्रंप प्रशासन के दौरान क्वाड को पुनर्जीवित किया गया और इसे उच्चतम स्तर तक ले जाया गया। कोविड-19 प्रतिबंधों के बावजूद 2020 में टोक्यो में क्वाड की बैठक आयोजित हुई, जो इस गठबंधन के प्रति सभी देशों की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
वोंग ने इस भावना का समर्थन किया और कहा कि ऑस्ट्रेलिया, अमेरिकी चुनावी नतीजे चाहे जो भी हों, क्वाड को अपनी प्राथमिकताओं में बनाए रखेगा। उन्होंने कहा कि क्वाड एक ऐसा मंच है जहाँ चारों देश समान क्षेत्रीय हितों को बढ़ावा देने के लिए एकजुट होते हैं।
क्वाड और चीन का प्रभाव
चीन की आक्रामक गतिविधियों का जवाब देने के लिए क्वाड का गठन किया गया था, और यह समूह एक स्वतंत्र, खुले और समावेशी हिंद-प्रशांत क्षेत्र का समर्थन करता है। चीन इस गठबंधन को अपने प्रभाव को सीमित करने के प्रयास के रूप में देखता है। वोंग ने कहा कि क्वाड चार देशों के विविध दृष्टिकोणों को एक साथ लाता है, जिससे रणनीतिक चर्चाओं में अधिक गहराई और समझ आती है। इस तरह का गठबंधन क्षेत्रीय संतुलन बनाए रखने में सहायक हो सकता है।
भारत-अमेरिका संबंधों पर अमेरिकी चुनाव के प्रभाव
जयशंकर के अनुसार, भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पिछले अमेरिकी राष्ट्रपतियों के बीच भी मजबूत संबंध रहे हैं, जिससे द्विपक्षीय संबंधों को निरंतरता मिली है। उन्होंने ट्रंप प्रशासन के दौरान 2017 में क्वाड को उच्च स्तर पर लाने का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत-अमेरिका के मजबूत संबंधों में कोई कमी नहीं आएगी।
वोंग ने भी यह स्पष्ट किया कि ऑस्ट्रेलिया को उम्मीद है कि क्वाड का महत्व अमेरिकी चुनाव के परिणाम से अप्रभावित रहेगा। चारों देशों के साझा हित और समान लक्ष्य इसे एक मजबूत गठबंधन बनाए रखते हैं।
जयशंकर और वोंग के इस संयुक्त बयान से यह स्पष्ट होता है कि भारत-अमेरिका संबंध और क्वाड का भविष्य सुरक्षित है। यह गठबंधन केवल दो देशों के बीच का संबंध नहीं है, बल्कि यह हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति, स्थिरता और सहयोग को बढ़ावा देने का एक मजबूत माध्यम है। जयशंकर के बयान से यह भी संकेत मिलता है कि भारत और अमेरिका के बीच व्यापार, सुरक्षा और कूटनीति के क्षेत्र में सहयोग और मजबूत हो सकता है, चाहे अमेरिका में चुनाव का परिणाम जो भी हो।
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