FICCI में बोले पीएम मोदी- पिछली सरकार ने जनता की गाढ़ी कमाई को जमकर लूटा
नई दिल्ली। नरेंद्र मोदी ने बुधवार को FICCI में उद्योगपतियों के बीच मौजूद थे। यहां अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि देश भ्रष्टाचार और कालेधन से परेशान हो चुका है। लोग इससे निजात पाना चाहते हैं। चाहे राजनीतिक दल हों या फिक्की जैसा संगठन, उनके लिए मंथन का वक्त है कि देश की भावनाओं और जरूरतों को समझते हुए भावी रणनीति कैसे बनाएं। स्वतंत्रता के बाद के वर्षों में हमारे सामने कई चुनौतियां खड़ी हुई हैं। 70 सालों में हमारे यहां एक ऐसा सिस्टम बना जिसमें कहीं ना कहीं और कोई ना कोई गरीब हमेशा, सामान्य आदमी हमेशा इस सिस्टम से लड़ता रहा। उन्होंने यूपीए सरकार पर हमला बोलते हुए कहा पिछली सरकार ने बैंको पर दबाव बनाकर उद्योगपतियों को लोन दिलाया। जनता की गाढ़ी कमाई को जमकर लूटा और पिछली सरकार ने बैंकों को दुर्दशा की। उन्होंने कहा कि पिछली सरकार ने हमारी सरकार को NPA'S का बोझ दिया है।

इस समय लोगों की आकांक्षाएं जिस स्तर पर है। लोग देश की आंतरिक बुराइयों से और भ्रष्टाचार और कालेधन से परेशान हो चुका है। उसे इससे छुटकारा पाना है। इसलिए आज चाहे कोई राजनीतिक दल हो या फिक्की जैसा कोई संगठन हो। इन्हें चाहिए कि ये अपनी भावी रणनीति केा इस हिसाब से बनाएं। आम आदमी को पिछले 60 साल के दौरान काफी परेशानियां झेलनी पड़ी थीं। उन्हें अपने छोटे बड़े काम के लिए दर-दर भटकना पड़ता था। आम आदमी को इससे निजात दिलाने के लिए हमारी सरकार काम कर रही है। हम एक पारदर्शी माहौल तैयार कर रहे हैं।
पीएम ने कहा कि जब जनधन योजना शुरू हुई, तो हम ये लक्ष्य तय नहीं कर पाए थे कि कितने गरीबों के लिए खाता खोलने का लक्ष्य रखें। क्योंकि कोई डाटा मौजूद ही नहीं था। 30 करोड़ से ज्यादा लोगों ने जनधन के तहत खाते खुलवाए हैं। हमने गरीबों के लिए काफी ज्यादा पूर्ति कर पाएं हैं। जानिए और क्या कहा पीएम मोदी ने
- पीएम मोदी ने कहा, "छोटी चीजों के लिए गरीब को संघर्ष करना पड़ा। बैंक अकाउंट, गैस कनेक्शन, पेंशन, स्कॉलरशिप के लिए कमीशन देना होता था। सिस्टम के साथ इस लड़ाई को खत्म करने का काम मेरी सरकार कर रही है।"
- हम ऐसे सिस्टम का निर्माण कर रहे हैं, जो ना सिर्फ पारदर्शी हो, बल्कि संवेदनशील हो। ऐसा सिस्टम जो लोगों की जरूरतों को समझे।''
- पीएम ने कहा एक स्टडी में ये बात उभरकर आई है कि ग्रामीण क्षेत्रों में जहां ऐसे खाते ज्यादा खुले हैं, वहां महंगाई दर में कमी आई है। गरीबों की जिंदगी में कितना बड़ा बदलाव इस एक योजना से लाया गया।
- "गरीब महिलाओं को लगातार शर्मिंदगी का सामना पड़ता था, स्वास्थ्य और सुरक्षा पर असर ना हो इसलिए स्वच्छ भारत के तहत 5 करोड़ से ज्यादा शौचालय बनावाए गए हैं। गरीबों को रहने के लिए पक्के घर मिल सकें, वो जितना किराए पर खर्च करते हैं, लगभग उतने में ही उनके पास अपना घर हो। इसके लिए हमने प्रधानमंत्री आवास योजना को शुरू किया।''
- "मैं गरीबी की दुनिया से निकलकर आपके बीच आय़ा हूं। सीमित संसाधन, सीमित पढ़ाई के बीच से आया हूं। इसी दुनिया ने मुझे सिखाया कि देश की आवश्यकताओं, गरीबों की आवश्यकताओं को समझते हुए हम काम करें और फैसले लें।''












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