यूपी पुलिस के डीएसपी 'टाइगर' की हुई मौत, तिरंगे में लपेट गार्ड ऑफ ऑनर के साथ दी अंतिम विदाई
उत्तर प्रदेश पुलिस ने बरेली में अपने सबसे बहादुर कुत्ते 'टाइगर' को अंतिम विदाई दी। उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में तैनात टाइगर पुलिस का सबसे वफादार और बहादुर कुत्ता था। कई केसों को अकेले हल करने वाले टाइगर को कुत्ते को मिलने वाली पुलिस की सबसे उच्चतम रैंक पुलिस उप अधीक्षक (डीएसपी) की रैंक दी हुई थी।
बरेली। उत्तर प्रदेश पुलिस ने बरेली में अपने सबसे बहादुर कुत्ते 'टाइगर' को अंतिम विदाई दी। उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में तैनात टाइगर पुलिस का सबसे वफादार और बहादुर कुत्ता था। कई केसों को अकेले हल करने वाले टाइगर को कुत्ते को मिलने वाली पुलिस की सबसे उच्चतम रैंक पुलिस उप अधीक्षक (डीएसपी) की रैंक दी हुई थी। लैब्रा प्रजाति के टाइगर को तिरंगे में लपेट कर अंतिम विदाई दी गई।

14 साल के टाइगर को बरेली में तिरंगे में लपेट कर सम्मानजनक विदाई दी गई। उसे गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया और सभी पुलिस ऑफिसर्स ने अपने इस प्यारे कुत्ते को श्रद्धांजलि दी। टाइगर जब 11 महीने का था तब यूपी पुलिस को सौंपा गया था। पुलिस फोर्स ज्वाइन करने से पहले उसे मध्य प्रदेश में 36 हफ्तों की ट्रेनिंग भी दी गई थी। ऐसी शायद ही कोई चीज थी जो टाइगर से छिप सकती थी।
लगभग 10 सालों तक शामली और मुजफ्फरनगर पुलिस टाइगर पर पूरी तरह से निर्भर थे। टाइगर की आंख और नाक से किसी भी चीज का बच पाना मुश्किल था। जिसे खुद पुलिस वाले नहीं ढूंढ पाते थे, उसे टाइगर खोज निकालता था। फिर चाहे पानी हो या जंगल या जमीन के अंदर गड़ी चीजें, टाइगर हर बार अपनी खोज में सफल होता था। मुजफ्फरनगर के सर्किल ऑफिसर मणिलाल पाटीदार ने टाइगर के जाने पर कहा कि, 'इस नुकसान को भरा नहीं जा सकता। वो हमारी तरह ही एक पुलिस ऑफिसर था। ये विभाग अपने बहादुर सिपाही की अपने राष्ट्र के लिए दी गई सेवाओं के लिए कभी भी नहीं भूलेगा।'












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