CAA प्रोटेस्ट: उत्तर प्रदेश में अब तक 1113 लोग गिरफ्तार, डीजीपी बोले- SIT करेगी जांच
नई दिल्ली। नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में उत्तर प्रदेश के 22 जिलों में विगत दिनों हिंसा हुई थी। विरोध प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा के संबंध में उत्तर प्रदेश प्रशासन ने राज्य भर में 327 प्राथमिकी दर्ज की हैं। इस मामले में यूपी में 1158 लोगों को गिरफ्तार और 5558 लोगों के खिलाफ प्रिवेंटिव एक्शन लिए गए हैं। यूपी पुलिस की ओर से जारी एक बयान कहा गया है कि, हिंसा में 19 लोग मारे गए। 288 पुलिसकर्मी घायल हुए, जिसमें 61 पुलिसकर्मी गोली लगने से घायल हुए हैं। हिंसा के दौरान 647 खोखे, 69 जिंदा कारतूस और 35 देसी तमंचे बरामद हुए हैं।

यूपी पुलिस के मुताबिक प्रदेशभर में 124 लोगों को सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट करने के मामले में गिरफ्तार किया गया है और इस संबंध में 93 एफआईआर दर्ज हुए हैं। कुल 19409 सोशल मीडिया पोस्ट पर अब तक एक्शन लिया गया है। जिनमें से 9372 मामले ट्विटर पोस्ट, 9856 मामले फेसबुक पोस्ट के हैं। पुलिस ने बताया कि अब तक कुल 181 यूट्यूब प्रोफाइलों को भी ब्लॉक किया जा चुका है।
डीजीपी ओपी सिंह ने सख्त हिदायत दी है कि, बगैर सबूत के किसी भी अभियुक्त की गिरफ्तारी ना की जाए। किसी भी सूरत में निर्दोषों को परेशान ना किया जाए। अभियुक्तों की गिरफ्तारी साक्ष्य, तथ्यों को जुटाकर किया जाए। यह भी ध्यान रखना होगा कि, गिरफ्तारी के समय मारपीट या अभद्रता किसी भी दशा में नहीं होनी चाहिए। यदि नामजद व्यक्ति की हिंसा में संलिप्तता उजागर नहीं होती है तो उसे तत्काल सूचित कर दिया जाए।
डीजीपी मुख्यालय ने महोबा, लखनऊ, सम्भल व मुराबादाबाद में अलर्ट जारी किया है। सुरक्षाबलों को सभी महत्वपूर्ण मस्जिदों पर नजर रखने के साथ ही मौलाना व शहर काजी से संवाद स्थापित करने का निर्देश दिया गया है। इसके साथ ही सभी संवेदनशील जगहों पर फुट पेट्रोलिंग और फ्लैग मार्च का आदेश दिया गया है। उत्तर प्रदेश पुलिस ने नागरिकता काननू को लेकर हुए विरोध प्रदर्शन में हिंसा करने वालों की पहचान शुरू कर दी है और उन्हें नोटिस भेज रही है।












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