जानिए क्या होता है Police Commissioner System?

लखनऊ। आज उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने सोमवार को एक बड़ा फैसला लिया है, उसने राज्य में पहली बार पुलिस कमिश्नर सिस्टम लागू करने को मंजूरी दी है, दरअसल सरकार ने दो शहरों में कमिश्नरी सिस्टम लागू करने को हरी झंडी दी है, ये सिस्टम यूपी के दो शहरों लखनऊ और नोएडा में लागू किया जा रहा है लखनऊ में सुजीत पांडेय की कमिश्नर पद पर तैनाती की गई है। वहीं, आलोक सिंह नोएडा के पहले पुलिस कमिश्नर बनाए गए हैं।सरकार ने कहा है कि इस सिस्टम को लागू करने से जिले की लॉ एंड ऑर्डर समेत तमाम प्रशासनिक अधिकार नियुक्त किए गए पुलिस कमिश्नर के पास रहेंगे।

चलिए विस्तार से जानते है कि आखिर कमिश्नरी सिस्टम होता क्या है?

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    Yogi Cabinet का बड़ा फैसला, Lucknow-Noida में अब होंगे Police commissioner । वनइंडिया हिंदी
    पुलिस कमिश्नर को मिलते हैं विशेष अधिकार

    पुलिस कमिश्नर को मिलते हैं विशेष अधिकार

    दरअस पुलिस कमिश्नर सर्वोच्च पद होता है, ये व्यवस्था कई महानगरों में है, अंग्रेजों के जमाने में ये व्यवस्था कोलकाता, मुंबई और चेन्नई (तब के कलकत्ता, बॉम्बे और मद्रास) में थी और आज भी ये देश के कई महानगरों में हैं, इस सिस्टम में पुलिस कमिश्नर को ज्यूडिशियल पावर भी आ जाती है, अक्सर जब बड़े महानगरों में क्राइम रेट ज्यादा होता है, तब इसे लागू किया जाता है, इमरजेंसी हालात में भी पुलिस के पास तत्काल निर्णय लेने के अधिकार नहीं होते है, ऐसे में पुलिस कमिश्नर लागू होने से तत्काल प्रभाव ले बड़े फैसले लिए जा सकते हैं।

     CRPC के तहत कई अधिकार

    CRPC के तहत कई अधिकार

    कमिश्नरी सिस्टम में पुलिस कमिश्नर के पास CRPC के तहत कई अधिकार आ जाते हैं, इस व्यवस्था में पुलिस प्रतिबंधात्मक कार्रवाई के लिए खुद ही मजिस्ट्रेट की भूमिका निभाती है। देश के 15 राज्यों के 71 शहरों जिनमें दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, बंगलुरू, अहमदाबाद, राजकोट, बड़ौदा, हैदराबाद, त्रिवेंद्रम आदि शामिल हैं।

    क्या कहा सीएम योगी ने

    क्या कहा सीएम योगी ने

    नौकरशाही का एक बड़ा तबका इस सिस्टम का विरोध करता रहा था। सीएम योगी ने हर विरोध को दरकिनार किया और इस सिस्टम को त्वरित लागू किया। कमिश्नर सिस्टम पारदर्शी और जनहित के फैसले लेने वाला है। पुलिस को पर्याप्त अधिकार के साथ पर्याप्त जवाबदेही वाला कानून लागू हो गया है। अब दंगाइयों, उपद्रवियों के बुरे दिन आ गए हैं। बल प्रयोग के लिए पुलिस को मजिस्ट्रेट का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। अब जो दंगा करेगा, उपद्रव करेगा, आमजन और पुलिस पर हमला करेगा, सार्वजनिक संपत्तियों को बर्बाद करेगा, उससे पुलिस सीधे निपटेगी।

    महिला आईपीएस की तैनाती

    महिला आईपीएस की तैनाती

    सीएम योगी ने कहा, 'वर्तमान समय में लखनऊ की आबादी करीब 40 लाख और नोएडा में 25 लाख से ज्यादा लोग रहते हैं। ऐसे में महिला सुरक्षा के लिए महिला आईपीएस की तैनाती की जा रही है। उसके साथ एक महिला एएसपी की भी तैनाती होगी। इसके अलावा नोएडा में दो नए थाने बनाए जाएंगे।'

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