गोरखपुर ऑक्सीजन कांडः नहीं मिली डॉ. कफील को क्लीन चिट, इन दो मामलों में चल रही है जांच
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नई दिल्लीः गोरखपुर ऑक्सीजन कांड में निलंबित चल रहे डॉक्टर कफील खान को पूरे मामले में क्लीन चिट नहीं मिली है। इसकी जानकारी सरकार ने पत्र जारी कर दिया है। डॉ. कफील पर लगे चार आरोपों में से दो आरोप सही पाए गए हैं। उन पर फैसला लिए जाने की कार्रवाई अभी प्रक्रिया में है। इसके अलावा उनके खिलाफ अनुशासनहीनता की कार्रवाई भी चल रही है।

दरअसल, डॉ. कफील खान यह नहीं बता पा रहे हैं कि 23 अप्रैल साल 2013 के नियुक्ति के आदेश में यह साफ-साफ कहा गया था कि वह कोई निजी प्रैक्टिस नहीं करेंगे तो फिर कैसे मेडस्प्रिंग हॉस्पिटल और रिसर्च सेंटर गोरखपुर में साल 2014 में उनका नाम डॉक्टर के तौर पर अंकित था। डॉ. कफील पर निजी नर्सिंग होम चलाने और निजी प्रैक्टिस में संलिप्त हने के आरोप में थे जो सही पाए गए हैं।
इसके अलावा निलंबन के बाद भी 22 अक्टूबर साल 2018 को डॉ. कफील जबरन मरीजों का इलाज करने के लिए जिला अस्पताल बहराइच में घुस गए थे। साथ ही उनके द्वारा सरकार विरोधी राजनीतिक बयानबाजी भी की गई। वहीं दो आरोप जो उनपर लगे थे वो गलत पाए गए। पहला आरोप ऑक्सीजन की कमी के बारे में सूचना ना देने का था। उनके खिलाफ घटना के वक्त मौजूद होने के बाद उच्च अधिकारियों को ऑक्सीजन गैस की कमी के बारे में सूचित ना करने का आरोप था। यह आरोप सही नहीं पाया गया।
इसके अलावा उन पर बाल रोग जैसे संवेदनशील विभाग में दी जाने वाली सुविधाएं, स्टॉफ का प्रबंधन न किए जाने का भी आरोप था, जो सही नहीं पाया गया। बता दें कि यूपी के गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज में अगस्त साल 2017 में ऑक्सीजन की कमी के चलते 60 बच्चों की मौत हो गई थी, जिसके बाद इस मामले में डॉक्टर कफील को सस्पेंड कर दिया गया था।












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