यूपी चुनाव से पहले असदुद्दीन ओवैसी को क्यों याद आए 'भगवान राम' ?
नई दिल्ली, 8 नवंबर: एआईएमआईएम चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने भारत-चीन संबंधों से लेकर यूपी की राजनीति तक भाजपा और राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के नेताओं पर जोरदार हमला बोला है। ओवैसी ने सबसे पहले चीन से सटी सीमाओं के हालातों पर संसद के शीतकालीन सत्र में चर्चा और विवाद वाले इलाकों में सांसदों के सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल का दौरा कराने की मांग की है। उनकी दलील है कि इससे देश की संप्रभुता फिर से साबित कर सकेंगे। यही नहीं उन्होंने यूपी में निषाद पार्टी के नेता संजय निषाद की ओर से भगवान राम को लेकर की गई एक विवादित टिप्पणी को लेकर भी आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत और भाजपा नेताओं को घेरने की कोशिश की है।
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चीन के मामले पर संसद में बहस कराने की मांग
हैदराबाद के सांसद और ऑल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने सोमवार को केंद्र सरकार से संसद के शीतकालीन सत्र में चीन से लगी भारतीय सीमाओं के हालातों को लेकर बहस कराने की मांग की है। ओवैसी ने कहा है कि 'संसद के शीतकालीन सत्र में हम चीन से सटी सीमाओं के हालातों पर बहस कराने की मांग करते हैं। हम यह भी मांग करते हैं कि सांसदों के एक सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल को सीमा के सभी विवादित इलाकों में ले जाया जाए। इससे हम अपनी संप्रभुता फिर से साबित कर पाएंगे।' गौरतलब है कि पिछले साल मई से पूर्वी लद्दाख में कई इलाकों में चीन की सेना के साथ भारत का गतिरोध शुरू हुआ था और इस साल की शुरुआत में ज्यादातर जगहों से दोनों सेनाएं आपसी बातचीत के बाद पीछे भी हट गई थीं। लेकिन,कुछ जगहों पर चीन अभी भी अड़ंगा डाल रहा है और इसकी वजह से दोनों ओर से भारी संख्या में सैनिकों की मौजूदगी बनी हुई है। बीच-बीच में चीन की ओर से अरुणाचल प्रदेश से लेकर उत्तराखंड में भी एलएसी के आसपास चालबाजियां करने की खबरें आती रहती हैं।

ओवैसी के निशाने पर भागवत
यही नहीं ओवैसी ने उत्तर प्रदेश में भाजपा की एक सहयोगी निषाद पार्टी के प्रमुख संजय निषाद की ओर से भगवान राम को लेकर दिए गए एक आपत्तिजनक बयान पर राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत पर भी तीखा हमला बोला है। ओवैसी ने कहा है, 'आरएसएस चीफ मोहन भागवत को जो कि डीएनए के मामले में एक्सपर्ट हैं, उन्हें निषाद पार्टी के प्रमुख के बयान (भगवान राम के जन्म को लेकर कि वह राजा दशरत के पुत्र नहीं थे) पर स्पष्टीकरण देना चाहिए। बीजेपी और आरएसएस के बड़े नेताओं को इसपर बोलना चाहिए।'

संजय निषाद ने भगवान राम को लेकर क्या कहा है ?
दरअसल, संजय निषाद ने भगवान राम को लेकर एक विवादित बयान दिया था, जिसपर जबर्दस्त विवाद खड़ा हो चुका है। उन्होंने कह दिया था कि भगवान राम राजा दशरथ के पुत्र नहीं थे और उनका जन्म एक निषाद परिवार में हुआ था। जाहिर है कि तीन दशकों से भी ज्यादा वक्त से भगवान राम भाजपा के सबसे बड़े चुनावी एजेंडे में शामिल रहे हैं और इस बार यूपी विधानसभा चुनाव में अयोध्या में भव्य राम मंदिर के निर्माण से वह बहुत बड़ा चुनावी फायदा उठाने की उम्मीद लगाए बैठी है। लेकिन, संजय निषाद का बयान उसके लिए परेशानियां पैदा कर सकता है। क्योंकि, पिछले सितंबर में ही बीजेपी घोषणा कर चुकी है कि वह 2022 के यूपी विधानसभा चुनाव में निर्बल इंडियन शोषित हमारा आम दल (निषाद) पार्टी के साथ मिलकर लड़ेगी।












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