सीएम योगी आदित्यनाथ ने दिया निर्देश- Ganga Expressway के लिए अगले 6 महीने में 90 फीसदी जमीन अधिग्रहीत हो
नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश सरकार ने गंगा-एक्सप्रेसवे के लिए युद्धस्तर पर काम करने की तैयारी शुरू कर दी है। इसे लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि गंगा एक्सप्रेसवे के लिए 6 महीने के भीतर आवश्यक भूमि का 90 फीसदी अधिग्रहण किया जाए। उन्होंने कहा कि एक्सप्रेसवे की आधारशिला अगले जून तक रख दी जानी चाहिए। मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को 'गंगा एक्सप्रेस-वे' की तैयारियों की समीक्षा की है। इस दौरान उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता इन्फ्रास्ट्रक्चर का विकास करना है।

आपको बता दें 6 लेन के गंगा एक्सप्रेस को बाद में 8 लेन तक बढ़ाया जा सकता है, जो उत्तर प्रदेश को नई पहचान देगा। यूपीडा के मुख्य कार्यपालक अधिकारी अवनीश कुमार अवस्थी ने मुख्यमंत्री को गंगा एक्सप्रेसवे को लेकर जानकारी दी। जिसमें उन्होंने बताया कि इसके लिए राज्य के पश्चिमी हिस्से में हर एक गांव का सर्वे करने के बाद विस्तृत कार्य योजना तैयार की गई है। ये एक्सप्रेसवे मेरठ और प्रयागराज के बीच छह लेन का होगा। इसकी लंबाई 594 किलोमीटर होगी। गंगा एक्सप्रेसवे ग्राम बिजौली, जिला मेरठ के पास से शुरू होगा। वहीं इसकी समाप्ति प्रयागराज में जुदापुरडांडो के पास एनएच 19 बाईपास पर होगी।
इस परियोजना को लेकर आगे जानकारी दी गई कि इसकी कुल संभावित लागत 36,410 करोड़ रुपये होगी। इसमें भूमि के अधिग्रहण के लिए करीब 9,255 करोड़ रुपये की रकम अनुमानित है। वहीं सिविल निर्माण में 22,145 करोड़ रुपये का खर्च आ सकता है। इसके साथ ही 12 जनपदों में ग्राम सभा के स्वामित्व वाली भूमि को निःशुल्क लेने के लिए राजस्व विभाग की अनुमति ली गई है। इसके लिए विदेशी निवेश के प्रस्ताव भी मिले हैं। बैंकों की ओर से भी प्रस्ताव मिल रहे हैं। जिसे लेकर जल्द ही फैसला ले लिया जाएगा। वहीं मुख्यमंत्री ने स्पष्ट तौर पर कहा कि बजट किसी भी स्थिति में संशोधित ना हो, इस बात का ध्यान रखा जाए।












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