जगदीप धनखड़ के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर बोले केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा, कहा-'इसकी सभी को निंदा करनी चाहिए'
राज्यसभा के सत्र में भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा के नेता जेपी नड्डा ने कांग्रेस और अमेरिकी अरबपति जॉर्ज सोरोस के बीच कथित संबंधों को लेकर बड़ी बहस छेड़ दी। नड्डा ने इन संबंधों को देश की राष्ट्रीय संप्रभुता और सुरक्षा के लिए खतरा बताया और इस मुद्दे पर गंभीर चर्चा की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने विशेष रूप से सोनिया गांधी और जॉर्ज सोरोस के बीच कथित संबंधों का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे देश की अखंडता पर सवाल खड़े होते हैं।
जगदीप धनखड़ के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव
नड्डा की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है। जब विपक्ष ने राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया था। नड्डा ने इसे राष्ट्रीय मुद्दों से ध्यान भटकाने की रणनीति करार दिया। उन्होंने कहा कि विपक्ष विशेष रूप से कांग्रेस बाहरी ताकतों के इशारे पर काम कर रही है और संवैधानिक पदों की गरिमा को ठेस पहुंचा रही है।

विपक्ष के अविश्वास प्रस्ताव पर नड्डा का जवाब
नड्डा ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि अविश्वास प्रस्ताव का उद्देश्य राष्ट्रीय सुरक्षा और संप्रभुता जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों से जनता का ध्यान हटाना है। उनके बयान के बाद राज्यसभा में हंगामा हुआ। जिसके चलते सत्र को दिनभर के लिए स्थगित करना पड़ा। राज्यसभा की कार्यवाही अब 12 दिसंबर को फिर से शुरू होगी।
केंद्रीय मंत्री रिजिजू का कांग्रेस पर प्रहार
केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने भी कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव को आसन की गरिमा पर हमला करार दिया और कहा कि उपराष्ट्रपति ने सदन की गरिमा को बनाए रखने में उल्लेखनीय भूमिका निभाई है। रिजिजू ने धनखड़ को किसान का बेटा बताते हुए उनके प्रति विपक्ष के रवैये की आलोचना की।
रिजिजू ने कांग्रेस पर भारत विरोधी ताकतों के साथ मिलकर काम करने का आरोप लगाया। उन्होंने मांग की कि कांग्रेस पार्टी जॉर्ज सोरोस के साथ अपने कथित संबंधों का खुलासा करे और देश से माफी मांगे। उन्होंने कहा देश की संप्रभुता की रक्षा करना हर राजनीतिक दल की जिम्मेदारी है। लेकिन कांग्रेस के ऐसे कार्य चिंताजनक हैं।
शीतकालीन सत्र पर विवाद का असर
संसद का शीतकालीन सत्र जो 25 नवंबर को शुरू हुआ था। उसमें बार-बार व्यवधान देखने को मिला। इन मुद्दों के कारण कार्यवाही कई बार बाधित हुई और इसे समय से पहले स्थगित करना पड़ा। यह सत्र 20 दिसंबर तक चलने वाला है। लेकिन राजनीतिक माहौल गरम होने के कारण कार्यवाही पर अनिश्चितता बनी हुई है।
क्या है जॉर्ज सोरोस विवाद
जेपी नड्डा और किरेन रिजिजू द्वारा लगाए गए आरोपों ने जॉर्ज सोरोस के कथित प्रभाव और कांग्रेस के साथ उनके संबंधों पर राष्ट्रीय बहस को जन्म दिया है। सोरोस जो अपनी वैश्विक राजनीतिक और आर्थिक पहल के लिए जाने जाते हैं। उसे लेकर आरोप लगाया जा रहा है कि उनके संबंध भारत की आंतरिक राजनीति और सुरक्षा पर प्रभाव डाल सकते हैं।
राज्यसभा में इस मुद्दे पर आने वाले दिनों में और चर्चा होने की संभावना है। सरकार ने कांग्रेस से जॉर्ज सोरोस के साथ कथित संबंधों की प्रकृति पर स्पष्टता की मांग की है। यह विवाद भारत की राष्ट्रीय राजनीति, संप्रभुता, और बाहरी संस्थाओं के प्रभाव पर व्यापक बहस की दिशा में बढ़ रहा है।
राज्यसभा में हुई यह चर्चा भारतीय राजनीति में विदेशी प्रभाव और राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे संवेदनशील मुद्दों को दर्शाती है। जॉर्ज सोरोस और कांग्रेस के कथित संबंधों पर बहस ने शीतकालीन सत्र को गर्मा दिया है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि इस मुद्दे पर आगे क्या कदम उठाए जाते हैं और राजनीतिक माहौल पर इसका क्या प्रभाव पड़ता है।












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