सिखों पर राहुल गांधी के बयान पर भड़के केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी, कहा-'खतरनाक नैरेटिव फैला रहे'
केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की अमेरिका में की गई टिप्पणियों की आलोचना की है। इसमें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और भाजपा के साथ वैचारिक मतभेद पर उनका बयान शामिल हैं। मंत्री हरदीप पुरी ने गांधी पर अमेरिका में प्रवासी भारतीयों के बीच खतरनाक नैरेटिव फैलाने और विपक्ष के नेता पद पर रहते हुए सरकार की आलोचना करने का आरोप लगाया है।
मंत्री पुरी ने गांधी के बयानों पर चिंता जाहिर की है। खासकर अपने ही समुदाय के लोगों के सामने। उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि कुछ और भी भयावह है। उनके सामने लोग मेरे समुदाय से थे। वे अमेरिका में अपना गुजारा करते हैं। उनका देश से कोई मजबूत संबंध नहीं है। उनके लिए राहुल गांधी यह झूठी कहानी फैला रहे हैं।

राहुल गांधी ने धार्मिक स्वतंत्रता से जुड़े मुद्दों पर सवाल उठाए हुए कहा कि क्या सिख पगड़ी या कड़ा पहन सकते हैं। उन्होंने कहा कि लड़ाई राजनीति के बारे में नहीं है। लड़ाई इस बारे में है कि क्या सिख अपनी पगड़ी पहन सकते हैं। यह सभी धर्मों के लिए है। इस बयान पर मंत्री पुरी ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि जो छह दशकों से अधिक समय से पगड़ी और लंबे समय से कड़ा पहन रहे हैं और उन्हें कोई समस्या नहीं है।
मंत्री हरदीप पुरी ने राहुल गांधी को याद दिलाया कि सिखों को अस्तित्व का संकट तभी झेलना पड़ा जब उनका परिवार सत्ता में था। उन्होंने इंदिरा गांधी की हत्या के बाद 1984 में हुए सिख विरोधी दंगों का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि अगर हमारे इतिहास में एक बार ऐसा हुआ है। जब एक समुदाय के रूप में हमने चिंता महसूस की है। यह बहुत हल्का शब्द है। हमने अस्तित्व के लिए खतरा महसूस किया है। यह तब था जब राहुल गांधी का परिवार सत्ता में था।
राष्ट्रीय सचिव मनजिंदर सिंह सिरसा ने भी सिखों की धार्मिक स्वतंत्रता पर टिप्पणी के लिए राहुल गांधी की आलोचना की है। उन्होंने राहुल गांधी पर सिखों के खिलाफ घृणास्पद शब्दों का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया और कहा कि आपकी गंदी राजनीति देश को डुबो रही है। आप इतने नीचे गिर गए हैं कि आप आरोप लगाते हैं कि भारत में सिख पगड़ी और कड़ा नहीं पहन सकते। आप कहते हैं कि भारत में सिख और गुरुद्वारे सुरक्षित नहीं हैं। मैं उनके शब्दों की निंदा करता हूं।
मनजिंदर सिरसा ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने सिखों के खिलाफ नफरत फैलाने के लिए गुरुद्वारा, दस्तार या पग, कड़ा और कृपाण जैसे प्रतीकों का इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा कि भारत को अपने सिख समुदाय पर गर्व है।
अमेरिका के वर्जीनिया में भारतीय प्रवासियों के साथ बातचीत के दौरान राहुल गांधी ने कहा कि भारत के नाम पर भाजपा और विपक्षी दलों के बीच लड़ाई वैचारिक है। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई सभी धर्मों को शामिल करती है और उन्होंने आरएसएस और भाजपा की आलोचना करते हुए कहा कि वे यह नहीं समझते कि भारत सभी का है।
थाली का उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि भारत में सब कुछ एक साथ कैसे काम करता है। उन्होंने कहा कि भारत में सब कुछ एक साथ काम करता है। अगर कोई कहता है कि चावल दाल से ज्यादा महत्वपूर्ण है और सब्जियां सबसे कम महत्वपूर्ण हैं तो क्या होगा। भाजपा यही करती है।
मंत्री हरदीप पुरी ने अमेरिकी दौरे के दौरान भारत की न्याय व्यवस्था और चुनाव परिणामों पर हमला करने के लिए भी राहुल गांधी की आलोचना की। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी पिछले एक दशक में भारत के विकास को स्वीकार करने में विफल रहे।
केंद्रीय मंत्री ने इंदिरा गांधी की हत्या के बाद राजीव गांधी की विवादास्पद टिप्पणी का जिक्र भी किया। जिसमें उन्होंने कहा था कि जब भी कोई बड़ा पेड़ गिरता है तो धरती हिलती है। उन्होंने इसे अल्पसंख्यक समुदाय को निशाना बनाने के औचित्य के रूप में देखा है।












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