Uttarakhand UCC: 'बहु-बाल विवाह, हलाला-इद्दत सब बैन', उत्तराखंड यूनिफॉर्म सिविल कोड के ड्राफ्ट में क्या-क्या?
Uniform Civil Code Uttarakhand: उत्तराखंड में यूनिफॉर्म सिविल कोड का ड्राफ्ट तैयार है और आज इससे जुड़ा बिल विधानसभा में पेश होगा।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व वाली उत्तराखंड कैबिनेट ने उच्च स्तरीय सरकार द्वारा नियुक्त समिति की सिफारिशों के बाद 4 फरवरी को समान नागरिक संहिता (UCC) विधेयक को अपनी मंजूरी दे दी थी।
नागरिक कानूनों में एकरूपता स्थापित करने के उद्देश्य से यह रिपोर्ट आज उत्तराखंड विधानसभा में पेश की जाएगी।

इसको लाने का मकसद नागरिक कानूनों के विभिन्न पहलुओं में समानता और स्थिरता लाना है। इस बीच हम आपको बताने जा रहे हैं कि उत्तराखंड में यूनिफॉर्म सिविल कोड के प्रावधान में क्या-क्या है।
Uniform Civil Code: यूसीसी बिल की कुछ प्रमुख विशेषताएं ये हैं
- 1. बेटे और बेटी के लिए समान संपत्ति का अधिकार
उत्तराखंड सरकार द्वारा तैयार किया गया समान नागरिक संहिता विधेयक, बेटे और बेटी दोनों के लिए संपत्ति में समान अधिकार सुनिश्चित करता है, चाहे उनकी श्रेणी कुछ भी हो।
- 2. वैध और नाजायज बच्चों के बीच अंतर को खत्म करना
विधेयक का उद्देश्य संपत्ति के अधिकार के संबंध में वैध और नाजायज बच्चों के बीच के अंतर को खत्म करना है। सभी बच्चों को जैविक संतान के रूप में पहचाना जाता है।
- 3. मृत्यु के बाद समान संपत्ति का अधिकार
किसी व्यक्ति की मृत्यु के बाद, विधेयक पति/पत्नी और बच्चों को समान संपत्ति का अधिकार देता है। इसके अलावा मृत व्यक्ति के माता-पिता को भी समान अधिकार मिलते हैं। यह पिछले कानूनों से विचलन का प्रतीक है, जहां केवल मां को मृतक की संपत्ति पर अधिकार था।
- 4. बहुविवाह पर प्रतिबंध:
एक पति या पत्नी के रहते दूसरी शादी नहीं हो सकेगी
5.विवाह का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य होगा
6. पति-पत्नी को एक सामान पर मिलेगा तलाक
7. लिव-इन-रिलेशन के बारे में सरकार को देनी होगी जानकारी, लिव इन रिलेशनशिप का डिक्लेरेशन अब अनिवार्य कर दिया गया है।
8. अनुसूचित जनजाति के लोग यूसीसी की परिधि से बाहर रहेंगे
9. गोद लिए गए और जैविक रूप से जन्मे बच्चों की समावेशिता
10. हलाला और इद्दत पर रोक लगे












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