डॉक्टरों की लापरवाही के चलते 60 लोगों की आंखो की रोशनी छिनी
अमृतसर। डॉक्टरों की लापरवाही के चलते पंजाब में 60 लोगों की आंखों की रोशनी हमेशा के लिए चली गयी। एक एनजीओ द्वारा आयोजित आई कैंप में गुरदासपुर जिले के एक एक अस्पताल में में खौफनाक हादसा हुआ है।

अमृतसर के गांव के तकरीबन 16 लोगों की जिंदगी में हमेशा के लिए अंधेरा हो गया है। जबकि अन्य गुरदासपुर जिले के मरीजों को अपनी आंखें जिंदगीभर के लिए खोनी पड़ी है। अमृतसर के पुलिस उपायुक्त रवि भगत ने बताया कि 16 मरीजों को अस्पताल में भर्ती कराया गया थे जिनका इलाज असिस्टैंट प्रोफेसर करमजीत सिंह कर रहे थे और सभी ने अपनी आंखे हमेशा के लिए खो दी हैं।
उच्च स्तरीय जांच के आदेश
रवि भगत ने बताया कि मामले में आरोपी डॉक्टरों के खिलाफ उच्च स्तरीय जांच का आदेश दे दिया गया है। साथ ही उन सभी डॉक्टरों के खिलाफ भी जांच के आदेश दे दिया गया है जो इस ऑपरेशन कैंप में शामिल थे।
वहीं अमृतसर के सिविल सर्जन राजीव भल्ला का कहना है कि मरीजों का घूमन गांव के एक कैंप में पंजीकरण किया गया था। दस दिन पहले लगाये गये कैंप में सभी मरीजों को ऑपरेशन के लिए रजिस्टर किया गया था।
नियमों को ताक पर रखा गया
मामले की जानकारी तब सामने आयी जब उन सभी 16 लोगों ने अपनी शिकायत उपायुक्त से की। एनजीओ और डॉक्टरों के खिलाफ मामला दर्ज हो गया है। वहीं डॉक्टर भल्ला ने कहा कि कुल 60 मरीजों को भर्ती कराया गया था जिनमें से 16 लोग अमृतसर से थे जबकि अन्य गुरदासपुर से थे। उन्होंने बताया कि मरीजो का कैट्रैक्ट ऑपरेशन कराने के लिए रजिस्ट्रेशन कराया गया था।
भल्ला ने बताया कि महीजों की ऑपरेशन बेहद ही गंदी जगह पर किया गया था। जिस ऑपरेशन थियेटर में उनका ऑपरेशन किया गया वो बेहद की गंदी थी। साथ ही रजिस्ट्रेशन कैंप की जरूरी इजाजत भी नहीं ली गयी थी। जिला प्रशासन और गुरदासपुर व अमृतसर के सिविल सर्जन की जरूरी इजाजत भी नहीं ली गयी।












Click it and Unblock the Notifications