अदालत ने दिया आदेश, 2 दिन के भीतर पत्नी को BSF जवान तेजबहादुर से मिलाया जाए

BSF जवान तेजबहादुर यादव की पत्नी शर्मिला यादव ने दिल्ली हाईकोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण की याचिका दायर की थी।

नई दिल्ली। लगातार दो दिनों तक पति से बात ना हो पाने से परेशान BSF जवान तेजबहादुर की पत्नी शर्मिला यादव ने दिल्ली हाई कोर्ट का रुख किया था। इस मामले की अदालत में शुक्रवार को सुनवाई की गई।

अदालत के आदेश में बीएसएफ जवान की पत्नी शर्मिला को जम्मू और कश्मीर स्थित सांबा में मिलने की अनुमति दी गई है। अदालत ने कहा है कि 2 दिन के भीतर शर्मिला को तेजबहादुर से मिलाया जाए।

अदालत ने दिया आदेश, 2 दिन के भीतर पत्नी को BSF जवान तेजबहादुर से मिलाया जाए

वहीं सुनवाई के दौरान गृह मंत्रालय ने हाईकोर्ट को बताया कि जवान तेजबहादुर यादव की गिरफ्तारी नहीं की गई है बल्कि उसका बटालियन बदल दिया गया है। अदालत में इस मामले की अगली सुनवाई 15 फरवरी को होगी।

इससे पहले सीमा सुरक्षा बल (BSF) में खराब खाने की शिकायत करने वाले जवान तेज बहादुर यादव की पत्नी शर्मिला ने दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया था। हाईकोर्ट में एक याचिका के जरिए शर्मिला ने कहा था कि उन्हें पता ही नहीं है कि तेज बहादुर कहां हैं?

दायर की थी याचिका

तेज बहादुर के रिश्तेदार विजय ने बताया कि उनकी ओर से हाईकोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण की याचिका दायर की थी। प्राप्त जानकारी के मुताबिक तेज बहादुर की अपनी पत्नी से आखिरी बार सात फरवरी को बात हुई थी।

रिश्तेदारों के मुताबिक वो तेजबहादुर के मोबाइल पर कॉल कर रहे हैं, लेकिन कोई जवाब नहीं मिल रहा है। रिश्तेदार का कहना है कि जब उन्होंने तेजबहादुर के कार्यालय के नंबर पर संपर्क किया तो किसी ने उन्हें यह नहीं बताया कि वो कहां हैं?

विजय ने कहा था कि परिजनों की ओर से बीएसएफ के महानिदेश को दो चिट्ठियां भेजी गई हैं लेकिन उसका कोई जवाब नहीं मिल रहा है।

ये है मामला

बता दें कि बीते महीने 9 जनवरी को BSF जवान तेज बहादुर यादव ने सोशल मीडिया साइट फेसुबक पर डाला था। BSF जवान ने इस वीडियो के जरिए सेना में जवानों की स्थिति को दिखाने की कोशिश की है। उसने बताया था कि आखिर चंद अफसरों की वजह से उन्हें किस हाल में नौकरी करनी पड़ती है।

उन्हें जो खाना मिलता है उसका हाल बेहद खराब होता है। सीमा पर तैनाती के दौरान उन्हें ना तो ठीक से खाना मिलता है और ना ही आराम। इस वीडियो के वायरल होने और सुर्खियों का हिस्सा बनने के बाद केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा था कि उन्होंने जवान की दुर्दशा का वीडियो देखा है। कहा कि गृह सचिव से इस मामले में BSF से रिपोर्ट की मांग करने के लिए कहा है साथ ही जरूरी कार्रवाई करने को भी कहा था।

गौरतलब है कि वीडियो में तेज बहादुर ने इस सबके के लिए किसी भी सरकार को जिम्मेदार नहीं ठहराया। उनके मुताबिक भारत सरकार की ओर से उन्हें सभी वस्तुएं भेजी जाती हैं लेकिन अफसर इन सामानों को बेच देते हैं। जिसकी वजह उन्हें वो सभी चीजें नहीं मिल पाती हैं जैसा कि उन्हें मिलना चाहिए। उन्होंने केंद्र सरकार से मामले की जांच कराने की अपील की है।

जवान ने बाकायदा वीडियो शेयर करते हुए अपनी बात रखी है। BSF जवान तेज बहादुर यादव का ये वीडियो सोशल मीडिया पर लगातार वायरल हो रहा था।

BSF ने कहा था..

वहीं बीएसएफ की ओर से कहा गया था कि कॉन्सटेबल तेज बहादुर यादव का अतीत मुश्किलों भरा रहा है। अपने करियर के शुरूआती दिनों से ही उसे रोजाना काउंसलिंग की जरूरत थी। BSF की ओर से जारी किए गए बयान में कहा गया है कि वो (तेज बहादुर) हमेशा से नियमों का उल्लंघन करता रहा है। वो बिना अनुमति के अनुपस्थित रह करता है, बहुत पहले से शराब का सेवन और अपने वरिष्ठ अधिकारियों से दुर्व्यवहार करता रहा है।

ये भी पढ़ें: बीएसएफ जवान पर गरमाई सियासत, केजरीवाल ने पूछा, 'मोदी जी, तेज बहादुर कहां है'

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