हाफिज सईद पर काम आया भारत का दबाव, यूएन की टीम जाएगी पाकिस्तान
इस्लामाबाद। मुंबई हमले के मास्टरमाइंड आतंकी हाफिज सईद की मुश्किल बढ़ती नजर आ रही है। युनाइटेड नेसंश सेक्युरिटी काउंसिल की ओर सो गठित टीम अगले हफ्ते इस्लामाबाद के दो दिन के दौरे पर पहुंचने वाली है, इपनी इस दो दिन की यात्रा के दौरान यह टीम पाकिस्तान के उन दावों की जांच करेगी जिसमे यह कहा जाता है कि हाफिज सईद पर दुनिया ने जो पाबंदी लगाई है वह गलत है। एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार यूएनएसी 1267 द्वारा गठित मॉनिटरिंग टीम 25 जनवरी व 26 जनवरी को पाकिस्तान में होगी।

काम आया भारत का दबाव
यह दौरा ऐसे वक्त हो रहा है जब पाकिस्तान के उपर लगातार भारत-अमेरिका लगातार अपना दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं कि हाफिज सईद और उससे जुड़े संगठन लगातार सक्रिय हैं और पाकिस्तान इन लोगों को खत्म करने में पर्याप्त कदम नहीं उठा रहा है। वहीं पाकिस्तान के शीर्ष अधिकारियों का कहना है कि यह दौरा एक सामान्य दौरा है, ऐसे दौरे पहले भी होते रहे हैं। आपको बता दें कि इससे पहले शुक्रवार को अमेरिका के स्टेट डिपार्टमेंट की प्रवक्ता हीथर नूआर्ट ने कहा था कि अमेरिका ने पाकिस्तान को खुलकर अपना पक्ष रख दिया है कि हाफिज सईद के खिलाफ सख्त से सख्त कानून के तहत मुकदमा चलाया जाए, उन्होंने एक बार फिर से यह दोहराया कि हाफिज सईद को यूएन ने आतंकवादी घोषित किया है।

पाक प्रधानमंत्री ने दी थी क्लीन चिट
यहां गौर करने वाली बात यह है कि अमेरिका की ओर से यह बयान ऐसे समय में आया है जब पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शाहिद अब्बासी ने एक इंटरव्यू के दौरान कहा था कि हाफिज सईद पर कोई मामला ही नहीं है तो उसपर कैसे कार्रवाई की जाए, यह ऐसा मामला है जो बार-बार सामने आता है कि लेकिन इसमे कोई सच्चाई नहीं है। पाक पीएम यही नहीं रुके थे उन्होंने हाफिज सईद का नाम सम्मानपूर्वक लेते हुए उसे हाफिज सईद साहब तक कहा था, जिसके बाद अमेरिका की प्रतिक्रिया ने एक बार फिर से साफ कर दिया था कि सईद को वह अब भी आतंकी मानता है और उसके रुख में कोई परिवर्तन नहीं आया है।

पाक के कदम की होगी समीक्षा
एक तरफ जहां यह कहा जा रहा है कि यूएन की यह टीम पाकिस्तान को जो आर्थिक मदद पहले दी जा रही थी उसका आंकलन करेगा और हाफिज सईद को पाकिस्तान की ओर से क्या मदद मुहैया कराई जा रही है। वहीं पाकिस्तान के शीर्ष अधिकारियों का कहना है कि इस दौरे से पाकिस्तान का ही लाभ होगा क्योंकि यह एक मौका होगा जब पाकिस्तान की सरकार यह बताएगी कि उसने आतंकवाद को रोकने के लिए क्या कदम उठाए और क्या पाबंदियां लगाई है। इस मॉनिटरिंग टीम के पाकिस्तान पहुंचने से पहले पाक सरकार ने नई कदम उठाए हैं जिससे कि यह संदेश जाए कि पाकिस्तान आतंकवाद के खिलाफ कदम उठा रहा है। प्रधानमंत्री अब्बासी ने हाल ही में एक बैठक की थी जिसमे एंटी मनी लॉड्रिंग को रोकने को लेकर क्या कदम उठाए गए हैं उसकी समीक्षा की थी












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