उल्फा ने ली गुवाहाटी ब्लास्ट की ज़िम्मेदारी, दावे पर सवाल
असम के प्रतिबंधित सगंठन उल्फा आई के एक धड़े ने शनिवार को गुवाहाटी में हुए बम धमाके की ज़िम्मेदारी ली है और कहा कि ये 'धमाका राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर (एनआरसी) का विरोध कर रहे लोगों और बांग्लादेशी हिंदुओं को बसाने की कोशिश के ख़िलाफ़' है.
राज्य में साल 2016 में भारतीय जनता पार्टी की सरकार के गठन के बाद से गुवाहाटी में ये पहला धमाका है, जिसकी ज़िम्मेदारी उल्फा ने ली है.
हालांकि, पुलिस ने प्रतिबंधित संगठन के दावों पर सवाल उठाए हैं.
दोपहर करीब 12 बजे ब्रह्मपुत्र नदी के करीब शुक्रेश्वर घाट पर हुए धमाके में चार लोग घायल हुए. पुलिस के मुताबिक इनमें से किसी को गंभीर चोट नहीं आई है.
धमाके के कुछ देर बाद प्रतिबंधित संगठन उल्फा-आई के सरकार से बातचीत का विरोध करने वाले धड़े के प्रमुख परेश बरुआ ने स्थानीय टीवी चैनलों को फ़ोन किया और इस धमाके की जिम्मेदारी ली.
रिपोर्टों के मुताबिक परेश बरुआ ने कहा, "हमने ये धमाका इसलिए किया है क्योंकि हम बांग्लादेशी हिंदुओं को असम में बसाने की कोशिश के ख़िलाफ है. जो लोग राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) का विरोध कर रहे हैं, उन्हें बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. ये धमाका इसी कोशिश के विरोध में है. उल्फा आगे भी अपना सशस्त्र संघर्ष जारी रखेगा."
हालांकि पुलिस ने उल्फा की ओर से किए गए दावे पर सवाल उठाए हैं. पुलिस के मुताबिक हमले में घायल हुए लोगों का कहना है कि धमाके के दौरान उन्हें पत्थर छिटककर लगे और इसी वजह से वो घायल हुए.
गुवाहाटी पुलिस के ज्वाइंट कमिश्नर दिगंता बोरा ने मीडिया को बताया, "धमाके की जांच की जा रही है. धमाके में जिस तरह का विस्फोटक इस्तेमाल हुआ है उससे ये नहीं लगता कि ये धमाका किसी अलगाववादी संगठन ने किया हो."
उधर, धमाके के बाद राज्य सरकार ने उल्फा की निंदा की है. धमाके के बाद मौके पर पहुंचे असम के क़ानून मंत्री सिद्धार्थ भट्टाचार्य ने कहा है, "अगर उल्फा इस घटना में शामिल है तो ये उनकी शर्मनाक कार्रवाई है."
भावनाओं को हथियार बनाने की कोशिश
असम की राजनीति और उल्फा की गतिविधियों पर नज़र रखने वाले विश्लेषकों का दावा है कि उल्फा का बरुआ गुट लगातार हाशिए पर है और प्रासंगिक बने रहने के लिए असम के लोगों की भावनाओं को हथियार बनाना चाहता है.
वरिष्ठ पत्रकार बैकुंठ गोस्वामी कहते हैं, "बरुआ ख़ुद को अहमियत न मिलने को लेकर परेशान हैं. अलगाववादी नेता के तौर पर वो लंबे वक्त से शांत बैठे हैं. उनके निर्देश पर हुई हिंसक घटनाओं में निर्दोष लोगों की जानें गई हैं. उसके बाद से प्रदेश में उल्फा का समर्थन ख़त्म सा हो गया है."
गोस्वामी ये दावा भी करते हैं कि बरुआ और उनके संगठन का असर सिर्फ़ उनके गृहज़िले तिनसुकिया के एक दो गांवों तक है.
उन्होंने कहा, "असम के लोग उल्फा या परेश बरुआ के प्रति किसी तरह का समर्थन नहीं करते. इसलिए असमिया लोगों की भावनाओं से जुड़े मुद्दों में सहानुभूति बटोरने के लिए वो ऐसी छोटी घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं. या ख़ुद के शामिल होने का दावा कर रहे हैं."
उल्फा का असर कम होने की वजह से इस संगठन से जुड़े अलगाववादी जबरन धन वसूली नहीं कर पा रहे हैं.
सवाल राज्य में पुलिस की चौकसी पर भी उठ रहे हैं. पुलिस ने तीन दिन पहले ही ऐसी ही किसी घटना को लेकर अलर्ट जारी किया था. कड़ी चौकसी के बाद भी शनिवार के धमाके को रोका नहीं जा सका.
ये भी पढ़ें:
- एनआरसी को चुनावी मुद्दा बनाने की तैयारी में बीजेपी?
- हममें एनआरसी लागू करने की हिम्मत हैः अमित शाह
- एनआरसीः लड़ाई ख़ुद को भारतीय साबित करने की
- असम: हिंदू बनाम मुसलमान या असमिया बनाम बांग्ला?
-
Gold Rate Today: अचानक पलटा ट्रेंड! सोने में जोरदार उछाल, दिल्ली से पटना तक आज 22K-24K गोल्ड का ताजा भाव -
Divyanka Tripathi Love Story: गर्भवती हैं टीवी की 'ईशी मां'? शादी के 10 साल बाद बनेंगी मम्मी? कौन है पति? -
Silver Price Today: चांदी एक झटके में 4000 हुई महंगी,दिल्ली में 9000 टूटी, 10 ग्राम से 1 किलो तक का ताजा भाव -
LPG सिलेंडर के लिए e-KYC क्या सभी कस्टमर्स के लिए अनिवार्य है? पेट्रोलियम मंत्रालय का आया बड़ा बयान -
मंत्री हरदीप पुरी की बेटी और एपस्टीन विवाद: हाई कोर्ट सख्त—'24 घंटे में सब हटाओ', Himayani Puri क्या करती हैं? -
Mumbai Gold Silver Rate Today: सोना बढ़ा, चांदी लुढ़की, जानें क्या है आज मुंबई में ताजा भाव? -
TMC Candidate Full List: 291 सीटों पर उम्मीदवारों का ऐलान,ममता बनर्जी भवानीपुर से मैदान में, किसे कहां से टिकट -
57 की उम्र में फेमस बॉलीवुड एक्ट्रेस ने उतारे सारे कपड़े, फिर शेयर की ऐसी तस्वीर, क्यों करना पड़ा ऐसा काम? -
Rajya Sabha Elections 2026 Results : NDA को मिली 22 सीटों पर जीत लेकिन बहुमत से अब भी दूर BJP, कैसे? -
Bengal Election: TMC की लिस्ट में कितनी महिलाएं, कितने मुस्लिम और SC/ST? ममता का सोशल इंजीनियरिंग फॉर्मूला -
आज का तुला राशिफल 17 मार्च 2026: पुरानी उलझनों से मिलेगा छुटकारा, दिन शुभ -
Kavya Maran और विराट कोहली को एक साथ मिली बुरी खबर? IPL 2026 से पहले ही हो गया बड़ा नुकसान!












Click it and Unblock the Notifications