Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

U.S. tariffs: मंडरा रहे "टैरिफ युद्ध" से निपटने की क्‍या है केंद्र सरकार की तैयारी? पी चिदंबरम ने किया सवाल

U.S. tariffs: अमेरिका के राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप ने दोबारा सत्‍ता संभालते ही भारी टैरिफ लागू कर बाकी देशों को बड़ा झटका दिया है। ट्रंप के टैरिफ लागू किए जाने के कारण वैश्विक अर्थव्यवस्था पर मंडरा रहे "टैरिफ युद्ध" पर चिंता व्यक्त करते हुए 27 मार्च 2025 को राज्यसभा में विपक्षी नेताओं ने केंद्र ने सवाल किया कि क्या उसके पास इस खतरे से निपटने के लिए कोई विशेष योजना है।

विनियोग और वित्त विधेयकों के संबंध में राज्यसभा में चर्चा के दौरान वरिष्ठ कांग्रेस सांसद और पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने केंद्र की मोदी सरकार से 2 अप्रैल, 2025 के लिए निर्धारित पारस्परिक टैरिफ लगाने के संबंध में ट्रम्प की घोषणा पर अपना रुख स्पष्ट करने का कहा। इसके साथ ही ट्रंप द्वारा लगाए टैरिफ के बाद केंद्र सरकार की 'निष्क्रियता' की आलोचना की।

P Chidambaram

चिदंबरम ने इस मुद्दे पर नीति वक्तव्य, संसदीय चर्चा या विपक्षी दलों के साथ परामर्श ना करने के लिए केंद्र सरकार की आलोचना की और आशंका व्यक्त की कि इस तरह का टैरिफ युद्ध एक व्यापार संघर्ष में बदल सकता है, जिससे वैश्विक अर्थव्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।

वित्‍त मंत्री ने क्‍या दिया जवाब?

वहीं केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारणम ने राज्य सभा में उठाई गई चिंताओं का जवाब देते हुए बुनियादी सीमा शुल्क और अन्य शुल्कों को कम करने की दिशा में सरकार द्वारा उठाए गए कदमों के बारे में जानकारी दी। हालांकि ये सीध तौर पर ट्रम्प की घोषणाओं का जवाब नहीं देते हैं। उन्होंने इन उपायों का श्रेय छोटे और मध्यम उद्योगों को दिया जो उत्पादन और उसके बाद निर्यात के लिए मध्यवर्ती वस्तुओं या कच्चे माल का आयात करते हैं।

वित्‍त मंत्री ने कहा कि ये टैरिफ कटौती भारत के टैरिफ ढांचे को तर्कसंगत बनाने और ड्यूटी इनवर्जन के प्रयास का हिस्सा थी, जिसका उद्देश्य अंततः घरेलू मूल्य संवर्धन (domestic value addition) को बढ़ावा देना, निर्यात को बढ़ावा देना, व्यापार को सुविधाजनक बनाना और आम लोगों को राहत प्रदान करना था।

वित्त मंत्री ने विनिर्माण क्षेत्र को समर्थन देने और भारत की विनिर्माण हब बनने की महत्वाकांक्षा में योगदान देने के लिए सरकार के प्रयासों के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने औद्योगिक वस्तुओं के लिए सात सीमा शुल्क दरों को हटाने और शून्य-रेटेड दरों सहित टैरिफ दरों को 21 से घटाकर आठ करने की घोषणा की।

उन्होंने तर्क दिया कि इससे आयातित इनपुट की लागत कम करके भारतीय निर्यात की प्रतिस्‍पर्धा क्षमता बढ़ेगी। इसके अलावा इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) बैटरी और मोबाइल फोन बैटरी के उत्पादन के लिए आवश्यक कुछ वस्तुओं को छूट प्राप्त वस्तुओं की सूची में जोड़ा गया, जो इन क्षेत्रों में घरेलू उत्पादन को सक्षम करने की दिशा में एक कदम है।

कोबाल्ट पाउडर, लिथियम आयरन बैटरी के स्क्रैप और अन्य महत्वपूर्ण खनिजों को बुनियादी सीमा शुल्क से छूट देने का हवाला दिया। समानीकरण शुल्कों को संबोधित करते हुए, मंत्री ने स्पष्ट किया कि 2020 में लगाया गया 2% शुल्क जुलाई 2024 के बजट में हितधारकों के परामर्श के बाद अनुपालन बोझ को कम करने के लिए हटा दिया गया था।

यह निर्णय राष्ट्रपति ट्रम्प के कार्यकाल से पहले का है, और 2016 में लगाया गया 6% शुल्क हटाना सीमा शुल्क और अनुपालन को सरल बनाने की चल रही प्रक्रिया का हिस्सा था।

चिदंबरम ने वित्त मंत्री द्वारा बुनियादी शुल्कों में की गई महत्वपूर्ण कटौती को स्वीकार किया लेकिन बढ़े टैरिफ को अर्थव्यवस्था के लिए हानिकारक बताते हुए आलोचना की। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या हार्ले डेविडसन मोटरसाइकिल जैसी विशिष्ट वस्तुओं पर सीमा शुल्क में कटौती वास्तविक नीतिगत बदलाव है या केवल ट्रम्प द्वारा प्रभावित है, उन्होंने सुझाव दिया कि रियायतों और चापलूसी के पिछले प्रयासों ने अमेरिकी राष्ट्रपति को प्रभावित नहीं किया।

तृणमूल कांग्रेस की सागरिका घोष, सीपीआई (एम) के जॉन ब्रिटास, तथा कांग्रेस सदस्य राजीव शुक्ला और रेणुका चौधरी सहित अन्य सांसदों ने पारस्परिक शुल्कों के बारे में इसी तरह की चिंताओं को दोहराया। दूसरी ओर, भाजपा के आरपीएन सिंह ने कहा कि इस मामले पर चर्चा 2 अप्रैल के बाद शुल्कों के कार्यान्वयन के बाद ही संभव होगी।

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+